पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • {प्रो. वीरेंद्र मेंहदीरत्ता कहानीकारअभिनेत के संस्थापक

{प्रो. वीरेंद्र मेंहदीरत्ता कहानीकारअभिनेत के संस्थापक

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चंडीगढ़ 1953में मैं चंडीगढ़ में लेक्चरर नियुक्त हाेकर आया। तब गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 23 में आज के सीनियर मॉडल हायर सेकेंडरी के भवन में था। सच तो ये है कि यह भवन ही शैक्षणिक केंद्र था, क्योंकि इसी भवन के एक हिस्से में बीएड कॉलेज यानी कॉलेज ऑफ एजूकेशन था। सेक्टर 17 में एस्टेट ऑफिस के पास सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी की शुरुआत इसी स्कूल की तीसरी मंजिल से हुई। शुरुआती किताबें यहीं खरीदी गईं। तीसरी मंजिल पर होने से दोनों कॉलेजों के शोर से यहां पर मुक्ति थी। यहां इत्मीनान से आप अपनी पसंद की किताब निकालकर पढ़ सकते थे। इस लाइब्रेरी से पहले लाइब्रेरियन का मुस्कान के साथ स्वागत करना अाज भी याद है।

उन दिनों चंडीगढ़ में बरसाती नालों पर पु़ल नहीं बने हुए थे। सेक्टर 23 के कॉलेजीय भवन के पास ही एक बरसाती नाला था। उस पर तब तक पुल नहीं बना था। अर्से तक जुलाई अगस्त के बरसाती दिनों कॉलेज पहुंचने के लिए इस नाले के पार जाना होता था। मुझे याद है कई बार हम साइकिल उठाकर नाले को पार करते थे। आज जब कभी उस पुल से गुजरता हंू तो वो दिन याद जाते हैं।

सन 1950 के शुरुआती चार पांच सालों में कैपिटल प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स दफ्तराें में काम करने वाले कर्मचािरयों के लिए तेजी से भवनों का निर्माण हुआ। इन भवनों को तेरह श्रेिणयों में बांटा गया। सेक्टर 22 में ज्यादातर मकान 9 10 श्रेणी के बने थे। सेक्टर 23 में 11 13 के थे, कुछ मकान 8 9 श्रेणी के भी थे। इससे ऊपर की श्रेणी वाले मकान प्राय: सेक्टर 16 में बने थे। ये मकान सेक्टर 16 के आधे हिस्से में बने थे, बाकी जमीन प्राइवेट मकानों के लिए छोड़ी गई थी। वैसे सेक्टर 22 23 में भी निजी मकानों के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी गई थी।

सबसे पहले 22, 23 16 सेक्टर के मकान बनवाए गए थे...

खबरें और भी हैं...