टीचर्स को सिखाया-माहौल ऐसा हो कि बच्चा स्कूल आना चाहे
चंडीगढ़|अपने स्कूलका माहौल ऐसा बनाएं जिससे बच्चे स्कूल आना चाहें। ऐसा हो कि वे स्कूल आने के लिए बहाने ढंूढ़ें। स्कूल का एन्वायर्नमेंट स्ट्रेस फ्री हो। एक टीचर का स्टूडेंट्स का साथ अच्छा रिलेशनशिप होना जरूरी है। टीचर स्टूडेंट् के टैलेंट, उसके कैलिबर को अच्छे से समझने वाला होना चाहिए। स्कूल की डेवलपमेंट के लिए प्रिंसिपल को कुछ कुछ करते रहना चाहिए, क्योंकि चेंजेज जरूरी हैं। टीचिंग लर्निंग प्रोसेस में चेंज जरूर आना चाहिए। हमें बरसों पुराना अपना मेथड बदलना होगा, क्योंकि स्टूडेंट्स टीचर्स से सीखता है तो टीचर को भी स्टूडेंटस से कुछ सिखना चाहिए। ये तभी होगा जब टीचर की थिंकिंग पॉजिटिव होगी। ये बातें शहर के गवर्नमेंट स्कूलों के प्रिंसिपलों को गवर्नमेट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्कूल लीडरशिप एंड प्रोफेशनल डेपलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन शुक्रवार को बताई गई। प्रिंसिपल्स को ये ट्रेनिंग 10 प्रिंसिपल दे रहे हैं। ये प्रिंसिपल और हेड नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ प्लानिंग एंड एडमनिस्ट्रेशन से ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं।