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आईटी पार्क में 123 एकड़ में बनेंगे 4000 फ्लैट्स

5 वर्ष पहले
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शहरके दक्षिणी सेक्टरों के बाद अब आईटी पार्क में हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर हाउसिंग सोसायटीज बनेंगी। हाउसिंग बोर्ड पार्श्वनाथ डेवलपर से वापिस मिली 123 एकड़ जमीन प्राइवेट डेवलपरों को हाउसिंग सोसायटीज बनाने के लिए नीलाम करेगा। हर डेवलपर को 10-10 एकड़ जमीन नीलाम की जाएगी। इस प्रकार 12 डेवलपरों को यह जमीन नीलाम की जाएगी। इस जमीन पर प्राइवेट डेवलपरों द्वारा 4 हजार से अधिक फ्लैट्स तैयार किए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड को इससे 1500 करोड़ रुपए से अधिक की आमदनी होगी। इसके लिए आगामी दो माह के भीतर जमीन की नीलामी का प्रोसेस भी शुरू कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ में उप्पल हाउसिंग के बाद किसी प्राइवेट डेवलपर को हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए पहली बार जमीन अलाॅट की जाएगी। मनीमाजरा में उप्पल हाउसिंग को नगर निगम ने लगभग 5 एकड़ जमीन 108 करोड़ रुपए में नीलाम की थी।

ज्यादामिले दाम इसलिए हिस्सों में नीलामी:हाउसिंग बोर्डके पास किसी एक एरिया में यह सबसे अधिक जमीन है। जमीन की कीमत अधिक से अधिक मिले इसके लिए बोर्ड 123 एकड़ जमीन को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर नीलाम कर रहा है। यह जमीन फ्री होल्ड बेस पर अलॉट की जाएगी। बोर्ड इस जमीन पर केवल हाउसिंग सोसायटीज ही बनाने को कहेगा। मार्केट को देखते हुए अलग-अलग समय में साइट्स की नीलामी की जाएगी।

हाउसिंग बोर्ड 123 एकड़ जमीन नीलाम करेगा। यह जमीन डेवलपर्स को हाउसिंग सोसायटीज के लिए देंगे। यह अपने आप में एक पूरी टाउनशिप होगा जहां लोगों को हर प्रकार की सुविधा मिलेगी। बोर्ड को भी प्राइम लोकेशन के चलते इसका अच्छा रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। -मनिंदर बैंस,चेयरमैन,हाउसिंग बोर्ड

शहर के दक्षिणी सेक्टरों में हाउसिंग सोसायटीज के दस हजार फ्लैट्स हैं। सेक्टर-48 से लेकर 51 तक प्रशासन ने 2000 से लेकर 2002 तक हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से 100 से अधिक हाउसिंग सोसायटीज को जमीन अलाॅट की थी। देश के अन्य मेट्रो शहर में हाउसिंग सोसायटीज के कल्चर को देखते हुए ही बोर्ड आईटी पार्क की जमीन हाउसिंग सोसायटीज के लिए रिजर्व कर रहा है। यही नहीं बोर्ड ने अपने सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में हाउसिंग सोसायटी का गठन किया है।

हाउसिंग बोर्ड ने वर्ष 2005 में नीलामी के जरिए पार्श्वनाथ डेवलपर को आईटी पार्क की 123 एकड़ जमीन 821 करोड़ रुपए में नीलाम की थी। कंपनी ने इस जमीन पर प्राइड एशिया टाउनशिप तैयार करनी थी। हाउसिंग बोर्ड को कंपनी से चार किश्तों के रूप में 516 करोड़ रुपए भी मिल गए थे लेकिन बाद में विवादों के चलते यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सका। सुप्रीम कोर्ट द्वारा तैनात आर्बिट्रेटर का फैसला आने के बाद बोर्ड ने जमीन की कीमत पार्श्वनाथ डेवलपर को वापिस कर दी थी। अब यह जमीन हाउसिंग बोर्ड के कब्जे में है। पार्श्वनाथ डेवलपर ने यहां लग्जरी विला से लेकर शाॅपिंग माॅल तक तैयार करने थे।

हाउसिंग बोर्ड डेवलपरों को यह जमीन मल्टीस्टोरी फ्लैट्स बनाने के लिए अलाॅट करेगा। हर डेवलपर को अपने एरिया में लोगों की दैनिक जरूरतों के लिए कमर्शियल एरिया भी डेवलप करना होगा। डेवलपर इस एरिया में 5 से 6 स्टोरी फ्लैट्स तैयार कर सकेंगे। डेवलपरों को प्रोजेक्ट्स पूरा करने के लिए हाउसिंग बोर्ड टाइम लिमिट भी तय करके देगा। प्रोजेक्ट्स में वन बेडरूम से लेकर फोर बेडरूम तक के फ्लैट्स और पेंट हाउस होंगे। हर डेवलपर को अपने एरिया में ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का भी प्रोविजन करना होगा। प्रोजेक्ट्स के बिल्डिंग प्लान और फ्लैट्स की कीमत हाउसिंग बोर्ड के साथ कंसल्ट करके ही तय किए जाएंगे।

123 एकड़ जमीन नीलाम करेगा हाउसिंग बोर्ड

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