10 साल बाद हाउसिंग सोसायटीज को मिले कंप्लीशन सर्टिफिकेट
शहरकीहाउसिंग सोसायटीज में रहने वालों के लिए राहत की खबर है। इस्टेट आॅफिस ने हाउसिंग सोसायटीज को ऑक्युपेशन एवं कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने शुरू कर दिए हैं। सोसायटीज की मैनेजमेंट कमेटियां पिछले 10 साल से इसकी डिंमाड कर रही थीं। एडवाइजर ने इस्टेट आॅफिस को सभी सोसायटीज को एक महीने के भीतर ऑक्युपेशन एवं कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने को कहा है।
ऑक्युपेशन एवं कंप्लीशन सर्टिफिकेट होने के कारण सोसायटीज के सामने कई प्रकार की दिक्कतें रही थी। सबसे बड़ी दिक्कत पानी के कमर्शियल बिल की थी। एडवाइजर के निर्देश के बाद एमसी ने पिछले महीने सोसायटीज से पानी का कमर्शियल बिल लेना बंद किया है। शहर में 102 हाउसिंग सोसायटीज हैं। इसमें से केवल 36 हाउसिंग सोसायटीज ही फ्री होल्ड हैं। शहर के दक्षिणी सेक्टरों में हाउसिंग सोसायटीज के 10 हजार फ्लैट्स हैं। प्रशासन ने हाउसिंग सोसायटीज को जमीन वर्ष 2000 में अलाॅट की थी। अधिकांश सोसायटीज की कंस्ट्रक्शन 2005 तक पूरी हो गई थी लेकिन इस्टेट आॅफिस ने अभी तक इन्हें कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं दिया था। सोसायटीज को बिजली, पानी, सीवरेज के कनेक्शन मिले हुए हैं। इसके बावजूद कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं दिए गए थे। इसका खामियाजा सोसायटीज में रहने वाले 10 हजार परिवारों को भुगतना पड़ रहा था।
मंगलवार को ही हमें कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिला है। अलाॅटी दस साल से कंप्लीशन सर्टिफिकेट का इंतजार कर रहे थे। प्रशासन के अफसरों की गलती का खामियाजा सोसायटी फ्लैट्स में रहने वाले भुगत रहे थे। अलॉटीज से पानी का चार्ज कमर्शियल से भी अधिक लिया जा रहा है। -दविंदर गुप्ता
दविंदर गुप्ता, चेयरमैन हाउस फेड