सीएम से चंडीगढ़ में मिले जाट आंदोलन 31 मार्च तक टाला
आरक्षणकी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाट संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सीएम मनोहर लाल से चंडीगढ़ में मिला। बातचीत के बाद जाट नेताओं ने आंदोलन 31 मार्च तक टालने की घोषणा की। उनका कहना है कि सीएम ने उनकी बात सुनी है और पहली बार लगा कि आरक्षण को लेकर सरकार पॉजिटिव माइंड हंै। उधर, जाटों का एक गुट पीछे हटने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि 12 फरवरी को हिसार के मय्यड़ में रैली होगी और वहीं आगे की रणनीति बनेगी। जाट संघर्ष समिति, समस्त जाट समाज और संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति समेत कई जाट संगठनों का शिष्ट मंडल सीएम से मिलने उनके आवास पर पहुंचा था।
{आरक्षण को लेकर आंदोलन पर जाट संगठनों के नेता बंटे
बैठक के दौरान सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांग पर गौर किया जाएगा और उचित हल निकाला जाएगा। चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी जाट आरक्षण की स्टडी करेगी। कमेटी में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह महाअधिवक्ता हरियाणा कार्यालय का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। इसकी रिपोर्ट 31 मार्च तक आएगी। साथ ही जाट आरक्षण की मांग को लेकर नरवाना लघु सचिवालय के सामने चल रहे आमरण अनशन को तुड़वाने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को नरवाना भेजे जाने का भरोसा दिलाया। बैठक के बाद जाट संगठनों ने 31 मार्च तक अपने आंदोलन को टाल दिया।