400 पोस्ट पर बाहरी स्टाफ की तैयारी
अधीर रोहाल| चंडीगढ़ adhir.rohal@dbcorp.in
करोड़ों का पेंशन फंड घोटाला के बाद भी पीयू सबक लेने को तैयार नहीं है। इस घोटाले के आरोप में पीयू की डेली वेज महिला इम्प्लाॅयी पूजा बग्गा को गिरफ्तार किया गया था। अब पीयू प्रशासन कहीं आगे जाकर डेली वेजर्स की जगह आउटसोर्स स्टाफ से क्लर्कों के खाली पदों को भरने जा रहा है। पीयू में क्लर्क्स के करीब 400 पद खाली हैं। इन पर काम कर रहे डेली वेजर्स को हटाकर आउटसोर्स किए जाने वाले स्टाफ को रखने का प्रोसेस पीयू ने शुरू कर दिया है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
^पहलेभी स्टाफ को आउटसोर्स किया जा चुका है। अब भी बजट और प्रोविजन के तहत ही पोस्ट को आउटसोर्स किया जाएगा। अभी प्रोसेस ही शुरू किया जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। डेली वेजर स्टाफ की स्थिति पर अभी कुछ नहीं कह सकते। -रिटायर्ड कर्नल जीएस चड्ढा, रजिस्ट्रार
यहां फेल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम
पीयूने आउटसोर्सिंग के पीछे पीजीआई समेत नाइपर, आईईटी कोलकाता समेत कई संस्थानों की दलील दी, लेकिन यहां भी कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम फेल हो चुका है।
आउटसोर्स स्टाफ मुहैया करवाने वाली ज्यादा एजेंसियों के मालिक एक्स सर्विस मेन हैं। लेकिन इन एजेंसियों के स्टाफ की विश्वसनीयता पर पहले ही सवाल है। ऐसे में जरूरी क्वालिफिकेशन और पिछले रिकार्ड की जानकारी पीयू के पास नहीं होगी।
2012 और 2015 में डेली वेजर्स क्लर्कों को रेगुलर करने के बाद भी पीयू में लगभग 400 पोस्ट खाली हैं। इन पोस्ट पर डेली वेजर्स काम कर रहे हैं। पीयू इन्हें हटाकर प्राइवेट काॅन्ट्रैक्टर के आउटसोर्स स्टाफ को रखना चाहता है। रजिस्ट्रार रिटायर्ड कर्नल जीएस चड्ढा की अध्यक्षता में इसके लिए मंगलवार को मीटिंग हुई, लेकिन पीयू इम्प्लाॅइज इस कदम का विरोध शुरू कर रहे हैं।