अर्शदीप के पिता बोले, आरोपियों की िजंदगी बर्बाद नहीं करना चाहते
भास्कर न्यूज | मुक्तसर/मोगा
29अप्रैल 2015 को हुए ऑर्बिट बस कांड की जांच के लिए गठित जस्टिस वीके बाली आयोग ने 20 फरवरी को अर्शदीप की मां छिंदर कौर और पिता सुखदेव िसंह को बयान दर्ज कराने के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। हालांकि मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान छिंदर कौर ने कोर्ट में पेश चारों आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया है। अब अगली सुनवाई 25 मार्च को है।
कोर्ट में बयान देने से पहले मीडिया के सामने छिंदर कौर ने कहा कि अब पल-पल मुझे बेटी अर्शदीप की याद आती है। पति सुखदेव ने कहा वह चारों आरोपी और उनके परिवार की जिंदगी बर्बाद नहीं करना चाहते और केस को खत्म करना चाहते हैं। 3 मई को सीएम परकाश िसंह बादल ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वायदा किया था, मगर इतने महीने बीतने के बावजूद भी नहीं मिली।
{30 अप्रैल 2015 को पुलिस ने छिंदर कौर के बयान पर रणजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरदीप सिंह और अमर राज पर केस दर्ज किया था। {1 अक्टूबर 2015 को जांच के लिए जस्टिस बाली पीड़ित के घर गए, मगर पूरा परिवार सुरक्षा कर्मियों समेत गायब मिला। {3 नवंबर 2015 और फिर 4 दिसंबर को दो बार गवाह अदालत में बयान देने ही नहीं पहुंचे। {11 दिसंबर 2015 को गवाह जगतार सिंह और उसकी प|ी अमरजीत कौर ने अदालत में कहा कि वह तो बस की अगली सीट पर थे और हादसा पीछे की सीट पर हुआ। इसी दिन अर्शदीप के पिता सुखदेव ने भी अपने बयान बदल दिए। {15 जनवरी 2016 को सरकारी वकील ने केस के दो गवाह विजय कुमार और तरसेम सिंह की गवाही की जरूरत महसूस करते हुए गवाही बंद करवा दी थी। {9 फरवरी 2016 को अब छिंदर कौर ने भी बयान बदल दिए।
कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराने पहुंची छिंदर कौर पति सुखदेव के साथ
घटना वाले िदन छिंदर कौर के ये बयान थे | घटनावाले िदन छिंदर कौर ने पुलिस को दिए बयान में कहा था, वह अपने दोनों बच्चों आकाशदीप और अर्शदीप के साथ ननिहाल गांव गुरुसर जा रही थी। ऑर्बिट बस की पिछली सीट पर बैठी थी। मोगा-कोटकपूरा रोड के टोल प्लाजा से जैसे ही बस आगे बढ़ी तो कंडक्टर, हैल्पर और एक अन्य व्यक्ति ने उसकी बेटी से अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। उसने जब विरोध किया तो आरोपियों ने उससे भी छेड़छाड़ की। गांव गिल के पास उसकी बेटी अर्शदीप और उसे बस से धक्का दे दिया। इससे अर्शदीप की मौत हो गई और वह खुद जख्मी हो गई थी।