नए सवालों से परेशान हों, सिर्फ रीविजन करें
नीना शर्मा | चंडीगढ़ neena.sharma@dbcorp.in
एग्जाम काफी नजदीक हैं, इसलिए अब तक जो पढ़ा है उसकी रीविजन करें, इस टाइम न्यू क्वेशचन में पजल हों। बार-बार रीविजन करें, स्ट्रेस कम लें और रीलेक्स रहें। किसी भी टॉपिक काे छोड़ें, जो टॉपिक नहीं समझ रहा उस पर ज्यादा टाइम लगाएं। ये टिप्स इंग्लिश की लेक्चरर ईडी खान ने बोर्ड के एग्जाम की तैयारी कर रहे 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स को दिए। खान ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर पर उनके पास रोजाना 20 से 25 कॉल्स स्टूडेंट्स और पेरेंट्स की रही हैं।
गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-35 की इंग्लिश सब्जेक्ट एक्सपर्ट लेक्चरर संगीता छाबड़ा का कहना है कि उनके पास रोजाना 15 से 20 कॉल्स रही हंै। हैरानी की बात ये है कि स्टूडेंट्स से ज्यादा एग्जाम को लेकर पेरेंट्स वरिड हैं, स्ट्रेस में हैं। इस समय जो सीबीएसई की बेवसाइट पर क्वेश्चन पेपर्स डाले गए हैं उनसे प्रैक्टिस करें। बच्चे रिलेक्स और स्ट्रेस फ्री रहकर पढ़ें। जंक फूड खाएं, पूरी नींद लें।
सर्वजीत कौर पंजाबी 9878456646, दविंद्र सिंह मैथ 9417302357, संगीता छाबड़ा इंग्लिश 9814733191,नीनू राजबंशी केमिस्ट्री, 9463656006,जसजीत कौर साइंस 9417513655,सोनिया इकोनॉमिक्स 9501004383,कमलेश पठानिया हिंदी 9478715323,मिनी भसीन कॉमर्स 9814101063,ईडी खान इंग्लिश 9779861199,इशू गुप्ता सांइस 9463586943, योगिता सोशल स्टडी 9780438475, जसपाल कौर ज्योग्राफी 9872341016 कुलदीप सिंह फिजिक्स 9814183216, धीरजा शर्मा सोशल स्टडी 8283835730
स्टूडेंट का सवाल : नोवलजो स्कूल में पढ़ाया वो नहीं, दूसरा पढ़ रहे हैं? मैम मेरी अच्छी तरह एग्जाम की तैयारी है, लेकिन फिर भी पेरेंट्स हर समय वरिड रहते हैं? कौन सा टॉपिक ज्यादा इंर्पोटेंट है, 10 ईयर से तैयारी करूं या नहीं? जवाब:नोवलजरूरी नहीं स्कूल में जो पढ़ाया वही पढ़ना है। ये आपकी अपनी च्वायस है। पेरेंट्स को चाहिए कि अगर बच्चे की अच्छी तैयारी है, बच्चा कॉन्फीडेंट है, ट्यूशन ली है और रीविजन की हुई है तो बच्चे को स्ट्रेस फ्री रहनें दें।
पेरेंट्सका सवाल: स्ट्रेसकैसे हेंडल करें? स्टूडेंट्स के लिए कौन सा सेक्शन ज्यादा इंपोर्टेंट है, किस सेक्शन को पहले करना चाहिए? नोवल के लॉन्ग क्वेश्चन को कितना टाइम लगाना चाहिए?
जवाब:पेरेंट्सबच्चों से हाई एक्सपेक्टेशंस रखें। सभी सेक्शन इंपोर्टेंट हैं, पहले कोई भी सेक्शन करो, टाइम मैनेजमेंट जरूरी है। स्पीड कम है तो बच्चे को लिखने की प्रेक्टिस करवाएं। लॉन्ग क्वेश्चंस में इंपोर्टेंट पार्ट को मिस करें।