पहले रहे लिव इन रिलेशन में, तकरार हुई तो रेप का आरोप, कोर्ट से हुआ बरी
महिलाकी अश्लील फोटो खींचकर उसे धमकाकर 8 साल तक रेप करने के मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अंशु शुक्ला की अदालत ने आरोपी राजेंद्र जैन को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। राजेंद्र जैन मनीमाजरा में गारमेंट का काम करते हैं। वहीं बचाव पक्ष ने अदालत में साबित कर दिया कि शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों लिव इन रिलेशन में रह रहे थे। रिश्तों में खटास आने के बाद महिला ने ब्लैकमेल करने के मकसद से दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।
पुलिस में दी शिकायत में मनीमाजरा की महिला ने कहा था कि वह पंचकूला से मनीमाजरा में पति और 2 बच्चों के साथ रहने आई थी। यहां उसकी पहचान गारमेंट्स की शॉप चलाने वाले राजेंद्र से हुई। दोनों में बातचीत शुरू हो गई। एक दिन वह मार्केट से घर जा रही थी तो उसे रास्ते में राजेंद्र मिल गया। आरोप के अनुसार उसने उसे घर छोड़ने के बहाने कार में बिठा लिया और कसौली ले गया। वहां नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया और रेप किया। होश में आने पर उसे इसका पता चला। उसकी कुछ अश्लील फोटो भी ले ली। इन फोटो के नाम पर राजेंद्र 8 साल तक वह उसका शोषण करता रहा 20 मई 2014 को वह जबरन उसके घर घुसा और उससे मारपीट की और रेप किया। इसके बाद उसने इसकी शिकायत दी।
महिला ने उन लोगों के बहकावे में आकर राजेंद्र से केस दर्ज करने की एवज में 50 लाख रुपए मांगे। इसकी राजेंद्र जैन ने वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी। इस मीटिंग में महिला की ओर से भेजे गए शख्स और समझौता करने वाले डेराबस्सी के सरपंच मौजूद थे। बाद में उन्होंने डेराबस्सी थाने में ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज करवाया। बचाव पक्ष ने बतौर गवाह वहां के एसएचओ को भी पेश किया था।
बचाव पक्ष के वकील हरीश भारद्वाज के अनुसार आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों शादीशुदा थे और एक-दूसरे से दोस्ती थी। दोनों के बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे। इसके बाद महिला पति से अलग राजेंद्र जैन के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप रहने लगे। दोनों 8 साल तक इस रिश्ते में रहे। इस बीच दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई और पीड़ित महिला किसी और के साथ रहने लगी।