पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ताकि आखिरी पल सम्मान से जाएं अपने

ताकि आखिरी पल सम्मान से जाएं अपने

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
} कुछ हैं जो रीति-रिवाज से देह संस्कार नहीं कर पाते

किसीअपने को खोने से बड़ा कोई दर्द नहीं होता लेकिन ये दर्द तब और बढ़ जाता है, जब कोई उस अपने को पैसों की कमी के चलते आखिरी विदाई नहीं दे पाता। चंडीगढ़ में हुई इंटरनेशनल कॉन्क्लेव अाॅन ह्यूमन राइट संपन्न होने के दो दिन बाद ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन ग्रुप एंड एमएफपी फेडरेशन फाउंडर प्रभलोच सिंह ने यह बीड़ा उठाने का फैसला किया है। जिसके तहत वो पूरे भारत वर्ष में बिना किसी धर्म भेदभाव के उन लोगों की मदद करेंगे जो किसी भी कारण से अपनों को देह संस्कार नहीं कर पाते।

कॉन्क्लेव के दौरान हीरो अवार्ड प्राप्त करने वाले एडवोकेट रंजन लखनपाल, पूर्व एमएलए राजौरी गार्डन दिल्ली जरनैल सिंह के बारे में बताते हुए प्रभलोच ने कहा कि एेसे कई लोग हैं जो परिस्थितियों की वजह से अपनों को आखिरी समय में उनका रीति रिवाज के अनुसार देह संस्कार नहीं कर पाते हैं, हमारी संस्था ने ये फैसला किया है कि हम पूरे देश में मौजूद श्मशान घाटों, कब्रिस्तानों की देखरेख कर रहे अधिकारियों से बात करेंगे और संस्कार में होने वाले सारे खर्चे को संस्था उठाएगी। इस पर एमपी किरण खेर ने कहा कि उन लोगों की मदद करना जिनके पास संसाधनों की कमी हो ही सच्ची सेवा है। प्रभलोच की संस्था #LeaveNoOneBehind और #RespectLastRite अभियान चला रही है।

खबरें और भी हैं...