ड्रग्स ली, फिर शराब पी

5 वर्ष पहले
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}रौंगटे खड़े हो गए जब शव को देखा था

बच्चों पर नजर रखकर दोस्तों की तरह समझाएं

नुक्कड़ ढाबे के मालिक की बेटी की मौत में तीनों दोस्त दोषी करार

टाइम लाइन

वान औलाद की मौत के बाद मां-बाप पर क्या बीतती है, ये वही समझ सकते हैं। मेरी बेटी के हत्यारों को कानून कड़ी से कड़ी सजा दे। मैं खुद हमारी बेटी को छीनने वालों को कड़ी सजा दिलाने के लिए लडूंगा। क्योंकि बहकावा देने वालों ने मेरी बेटी के सपने पूरा होने से पहले ही तोड़ दिए। बेटी 12वीं पास करने के बाद फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही थी। पढ़ने-लिखने में होशियार थी और हमेशा सिविल सर्विसिस में जाना चाहती थी। बेटी ने कभी कोई ऐसा काम नहीं किया था, जिससे हमारा सिर झुके। ही कभी उसके पहले कोई शिकायत आई। लेकिन कमल ने मेरी बेटी को बहकाया और उसे जबरन नशा दिया, क्योंकि मनीषा कभी नशा नहीं करती था। मेरी लाडली की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि मुझे न्याय मिलेगा। मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी के हत्यारों को कड़ी सजा मिले। क्योंकि इन लोगों ने मेरी बेटी की जान लेने से पहले उसके सपनों और भविष्य को भी खत्म कर दिया। धोखे से मेरी बेटी को नशा दिया गया और जब उसकी तबीयत खराब हुई तो अपनी करतूत छिपाने के लिए मासूम बेटी को बेरहमी से मारकर फेंक दिया। अब मैं दर्द झेल रहा हूं, लेकिन सभी पेरेंट्स को इतना जरूर कहना चाहता हूं कि अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा दें। किसी भी तरह के बहकावे में अाने से बचाने के लिए बच्चों पर नजर रखें। अगर उनकी आदतों या बर्ताव में कुछ बदलाव नजर आए तो बच्चों को एक दोस्त की तरह समझाकर किसी के बहकावे में आने से रोकें। ताकि जो दुख मैंने झेला है वो किसी और को झेलना पड़े। क्योंकि मेरी बेटी को बहकाने जैसे वाले लोग अभी भी हमारे आसपास ही हैं।

-जोगिंदरसिंह, मनीषा के पिता और नुक्कड़ ढाबे के मालिक

जोगिंदर सिंह का कहना है कि उस दिन को याद करके आज भी सहम जाता हूं। बेटी के लापता होने पर शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने जांच शुरू की और लड़कों के पकड़े जाने के बाद जब शव को देखा तो मेरे रौंगटे खड़े हो गए। ये कोई नहीं समझ सकता कि मैंने उन दिनों को कैसे बिताया। एक बाप के लिए जवान बेटी को इस तरह खोने की पीड़ा जिंदगी भर सताती रहेगी।

{युवती को लपेटकर नाले में फेंक दिया था, दोषियों की सजा पर फैसला 3 को

} 18 अक्टूबर 2014: युवतीघर से गायब हुई

}19 अक्टूबर: केसदर्ज किया गया

}8 जनवरी 2015 : मामलेमें पुलिस ने चार्जशीट दायर की थी।

}4 फरवरी 2015: मामलेमें आरोप तय हुए थे

}1 अप्रैल 2015: मामलेमें सीएफएसएल रिपोर्ट पेश

}5 दिसंबर 2015: मामलेमें गैंगरेप और अननेचुरल सेक्स की अतिरिक्त धाराओं के तहत आरोप तय किए गए

रजत ने बयानों में बताया था कि वह 18 अक्टूबर को कार में सभी इकट्ठे गए थे और सबसे पहले वे एक पार्टी में गए, जहां सब ने ड्रग्स ली और शराब पी। मनीषा बेहोश हो गई और उसकी मौत हो गई। जैसे ही तीनों को पता चला कि युवती की मौत हो चुकी है तो सभी मिलकर गाड़ी में पहले पलसौरा, फिर मोहाली और फिर वह राजपुरा रोड के शंभू बैरियर के नाले के नजदीक पहुंचे। जहां उन्होंने मनीषा को एक कपड़े में लपेटकर फेंक दिया।

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