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बंद कमरे में नहीं होगी सरकार से कोई बातचीत : मलिक

5 वर्ष पहले
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वर्तमान बैंच के सुनवाई से पीछे हटने की दलील पर अड़े याची

इधर, सांगवान का ऐलान

15 दिन में वादा पूरा करे सरकार, नहीं तो आंदोलन

भास्कर न्यूज | रोहतक/हिसार/पानीपत

धरनोंके नौवें दिन भी अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक रोहतक, भिवानी दादरी धरनों पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब सरकार से बंद कमरे में कोई बातचीत नहीं होगी।

सरकार के पास सभी मांगें हैं, इसलिए सरकार तुरंत प्रभाव से उन्हें लागू करें। मलिक ने सरकारी अधिकारियों को बेलगाम बताया। वहीं प्रदेश के जाट नेताओं पर कड़ी टिप्पणियां कीं। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने भी जसिया में धरने का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश का किसान भी बड़ा आंदोलन खड़ा करने को तैयार हैं। 6 किसान संगठन 6 मार्च को कैथल में जुटेंगे।

समर्थनपर रोड़ समाज दो मत

एकतरफ रोड़ समाज मंच के प्रदेशाध्यक्ष छज्जूराम झांबा ने पानीपत के उग्राखेड़ी समेत कई धरनों पर जाकर समर्थन दिया। वहीं अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान नसीब सिंह कारसा ने कहा कि धरना प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया जाएगा। कारसा के नेतृत्व में रोड़ धर्मशाला में कार्यकारिणी की बैठक में यहा फैसला हुआ। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मामला कोर्ट में लंबित है। धरने प्रदर्शन कोर्ट की अवमानना है। यदि बिरादरी का कोई व्यक्ति धरनों का समर्थन करता है तो बिरादरी का कोई सरोकार नहीं।

रोहतक | हक के लिए उठे हाथ...जसिया गांवमें धरनास्थल पर नारेबाजी करती हुई महिलाएं।

चंडीगढ़ | आरक्षणमामले में सुनवाई कर रही डिवीजन बैंच के दोनों जजों के जट सिख होने की बात कहते हुए बैंच से इस केस से हट जाने की अपील पर याची अड़ गए। याची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी मामले मेंं कहा है कि कास्ट एक सोशल क्लास होती है। बैंच ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अर्जी दुर्भाग्यपूर्ण है। बैंच केस से हटती है तो ऐसी गंभीर परिस्थितियां पैदा होंगी। सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।

चंडीगढ़ | अखिलभारतीय जाट आरक्षण समिति (सांगवान गुट) के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने ऐलान किया कि आरक्षण आंदोलन में मारे गए युवकों के परिजनों को यदि 15 दिन के भीतर सरकार ने नौकरी नहीं दी तो समिति 26 फरवरी को जींद में बुलाए गए जाट सम्मेलन में आर-पार की रणनीति बनाएगी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सीएम ने 15 दिन के भीतर नौकरी का आश्वासन दिया था लेकिन पांच परिवारों को डीसी रेट पर नौकरी ऑफर की है, यह स्वीकार नहीं। नौकरी नियमित हो या सीएम आश्वासन दें कि भविष्य में पक्का किया जाएगा। सर्वजाट खाप के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने कहा कि आरक्षण का मामले में कोर्ट के निर्णय का इंतजार करेंगे। निर्णय मंजूर होगा।

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