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सर्वे कर लें कि दिल्ली वाले ज्यादा फॉरेन टूअर करते हैं या हरियाणा-पंजाब वाले: हाईकोर्ट

5 वर्ष पहले
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}हाईवे को एयरपोर्ट से जोड़ने पर सहमति बनी

}इस्तेमाल होने वाले एयरपोर्ट से गोदाम का काम लें

}जेट एयरवेज केंद्र को प्रस्ताव सौंपे और जल्द शुरू करे फ्लाइट्स

}रनवे पर निर्भर रहेगा एयर इंडिया

हाईकोर्ट ने पूछा, चंडीगढ़ से दिल्ली वालों को क्या है आपत्ति

चंडीगढ़इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स आपरेट करने में रही परेशानियों पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली से ही लोग विदेश की फ्लाइट्स लें आखिर इस मानसिकता से कब बाहर निकल पाएंगे। जस्टिस एसएस सारों जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने कहा कि सर्वे कर लें कि दिल्ली वाले ज्यादा फॉरन टूअर करते हैं या फिर हरियाणा और पंजाब वाले ज्यादा टूअर करते हैं। लोगों की परेशानियों को समझने की जरूरत है। केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि वे पूरा प्रयास कर रहें हैं कि जनवरी में दुबई के साथ भारत सरकार की बैठक हो और फ्लाइट शुरु करने पर स्थिति स्पष्ट हो। कोर्ट ने अभी तक इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरु करने के लिए उठाए कदमों का भी ब्यौरा मांगा है। मामले पर एक फरवरी के लिए अगली सुनवाई तय की गई है।

केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि संभवतया जनवरी में बैठक के बाद दुबई सहित यूएई के अन्य एयरपोर्ट वहां की एयर लाइंस के साथ चंडीगढ़ के लिए उड़ाने आरंभ करने के लिए प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। याची पक्ष की ओर से केंद्र सरकार की पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी वाले देशों में उड़ान के लिए केवल छह मेजर एयरपोर्ट को मंजूरी दी गई है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि चंडीगढ़ के एयरपोर्ट से दिल्ली वालों को क्या आपत्ति है। सरकार चाहे तो सर्वे करवा ले कि दिल्ली के एयरपोर्ट से दिल्ली वाले ज्यादा विदेश जाते हैं या फिर हरियाणा पंजाब से लोग ज्यादा विदेश जाते हैं। केंद्र सरकार की तरफ से कहा कि द्विपक्षीय अनुबंधों के चलते इन एयरपोर्ट को मंजूरी दी गई है और इसमें चंडीगढ़ को नजर अंदाज करने का कोई इरादा नहीं है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ से कोई उड़ान नहीं चाहती। ऐसे में इस एयरपोर्ट पर ताला लगाकर जमीन उसके मालिकों को वापिस सौंप दे तो बेहतर होगा। केंद्र सरकार खुल कर सामने क्यों नहीं आती और कह देती कि वे यहां इंटरनेशनल फ्लाइट्स नहीं चाहते। विदेशों में हर तीस किलोमीटर पर एयरपोर्ट होता है तो जाने क्यों दिल्ली को चंडीगढ़ से आपत्ति है।

}सुविधाओं पर जवाब मांगा... सुनवाईके दौरान केंद्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से कहा गया कि एयरपोर्ट पर फूड कोर्ट का टैंडर का काम पूरा कर लिया गया है। 31 दिसंबर तक यह अलॉट हो जाएगा। इसके साथ ही वाई-फाई देने के लिए बीएसएनएल ने मंजूरी दी है।

सुनवाई के दौरान याची पक्ष की तरफ से कहा गया कि देश भर में लगभग 450 एयरपोर्ट हैं। इन एयरपोर्ट को राजनीतिक कारणों से बना तो दिया गया लेकिन महज 60 एयरपोर्ट से ही उड़ानें भरी जा रही हैं। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि यदि ऐसा है तो डोमेस्टिक एयरपोर्ट जिसका फिलहाल इस्तेमाल नही हो रहा है। उस पर एयरपोर्ट पर ताला लगा इसे गोदाम क्यों नहीं बना दिया जाता।

सुनवाई के दौरान जेट एयरवेज की तरफ से कहा गया कि वे चंडीगढ़ से उड़ान आरंभ करना चाहते है लेकिन इसके लिए वे चंडीगढ़ से दिल्ली और दिल्ली से विदेश की उड़ान की अनुमति चाहते हैं। कोर्ट ने इस पर जेट को दो सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार को इस बारे में प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एयर विस्तारा द्वारा बैंकॉक के लिए किए गए आवेदन पर भी केंद्र को फैसला लेने के आदेश दिए हैं।

केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि एयर इंडिया ने मार्च तक बैंकॉक सिंगापुर की फ्लाइट्स की घोषणा की है। लेकिन यह प्रस्ताव भी विमान की खरीद और रनवे की स्थितियों पर निर्भर रहेगा।

एयर फोर्स अथारिटी ने नेशनल हाईवे 21 को अंडरपास से एयरपोर्ट तक ले जाने की योजना पर सहमति जता दी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा रक्षा मंत्री को लिखे पत्र के बारे में बताया गया था। इस पत्र के माध्यम से सिविल एविएशन सेक्रेटरी द्वारा बनाए गए प्रस्ताव को अमल में लाने पर विचार करने को कहा गया था। प्रस्ताव के अनुसार नेशनल हाईवे 21 से अंडरपास को आरंभ कर इसे एयरपोर्ट तक ले जाने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का क्या हुआ। अब इसमें देरी क्यो हो रही है। इस पर भी हाईकोर्ट सख्त नाराजगी जताई

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