बिजनेस में घाटा हुआ तो दोस्तों ने शुरू की ठगी
अभिषेक धीमान। चंडीगढ़ k_abhishek@dbcorp.in
एटीएम फ्रॉड कर लोगों को ठगने के आरोपी तीनों ग्रेजुएट बचपन के दोस्त थे। तीनों अलग-अलग जगह नौकरी करते थे। सैलरी ज्यादा नहीं मिलती थी तो उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी खोली। बिजनेस में घाटा होने के बाद उन्होंने इस तरह ठगी करने का प्लान बनाया। बुधवार को साइबर सेल ने तीनों दोस्तों को कोर्ट में पेश किया जहां से आशीष मेहता को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया, जबकि वंश और रवि शर्मा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस की एक टीम आशीष को साथ लेकर दिल्ली में रेड करने गई है, जहां से एटीएम, सिम कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए जाएंगे। उनके बरामद होने के बाद टीम यूटी लौटेगी।
अंबालापुलिस ने किया कॉन्टैक्ट: आरोपियोंसे रिकवरी करने के लिए अंबाला पुलिस ने भी यूटी पुलिस साइबर सेल के साथ कॉन्टैक्ट किया है। उनका कहना है कि उनके एरिया में कई ठगियां इन आरोपियों ने की हैं। जिसके चलते अंबाला पुलिस जल्द ही आरोपियों को प्रॉडक्शन वारंट पर लेकर जाएगी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि तीनों दोस्त रोहिणी में रहते थे। आशीष और वंश कॉल सेंटर में काम करते थे, जबकि रवि शर्मा अलग प्राइवेट नौकरी करता था। तीनों में गहरी दोस्ती थी। नौकरी में सैलरी ज्यादा मिलने पर तीनों ने इंश्योरेंस कंपनी खोली, लेकिन उन्हें काफी नुकसान हो गया था।
आशीषथा मास्टरमाइंड: पुलिसके मुताबिक आशीष मेहता पहले भी इसी तरह के कॉल सेंटर में काम कर चुका है, इसलिए वह जानता था कि कैसे ठगी करनी है। उसने सभी से बात की और पूरा प्लान बनाया। प्लान के तहत वंश ने ऑफिस लिया और तीनों ने मिलकर ठगी करनी शुरू कर दी। वे महीने में लाख रुपए से सवा लाख रुपए तक ठग लेते थे। उनको लग्जरी लाइफ चाहिए थी और घाटा होने के बाद वे दोबारा नौकरी नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने ये प्लान बनाया।
तीनों एक ही जगह रहते हैं, जिस वजह से एक-दूसरे को जानते हैं। आशीष से कुछ रिकवरी होनी है, जिसके लिए एक टीम को दिल्ली भेजा गया है। बाकी दोनों को कोर्ट ने ज्यूडिशियली भेज दिया है। आशीष कॉल सेंटर में काम करता था, जिस कारण वह जानता था कि कैसे ठगी करनी है।
-हरिंदरसिंह सेखों, इंस्पेक्टर, साइबर सेल