संत आसाराम के आश्रम की जमीन पर रुपए देने के बाद भी नहीं दिया प्लॉट
चंडीगढ़|मोहाली मेंपड़ते गांव स्यूंक में संत बाबा आसाराम बापू के आश्रम में रुपए लेने के बाद प्लॉट देने की कुछ लोगों ने डीआईजी को कम्प्लेंट की है। डीआईजी ने शिकायतकर्ताओं द्वारा बताए गए फैक्ट्स की जांच के लिए पटवारी को लिखकर भेजा है, ताकि हर पहलू की जांच हो सके। दरअसल बीएन सुरी, बीबी दत्ता और कमल कुमार कांसल बुधवार को पुलिस हेड क्वार्टर पहुंचे। बीएन सुरी ने बताया कि साल 1998 में करीब 487 लोगों ने मिलकर स्यूंक गांव में 55 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस दौरान उनकी समिति ने जमीन में से 25 एकड़ को आश्रम के लिए डोनेट कर दिया, जबकि 30 एकड़ खुद के रहने के लिए प्लॉट बनाने के लिए रखा गया था। इसके बाद उनकी एसोसिएशन के प्रधान को आश्रम का प्रधान नियुक्त किए गए। सभी ने उनके लिए प्लॉट नहीं बनाए। अब जब वह प्लॉट बनाने के लिए कहते हैं तो वह उन्हें रुपए लौटाने की बात कह रह रहे हैं। बीएन सुरी का आरोप है कि उस समय जमीन सस्ती थी और अब उसका रेट भी बढ़ गया है। आश्रम द्वारा उन्हें बताया गया था कि जो जमीन है वह पीएपी एक्ट के अधीन आती है। इस वजह से उस पर घर नहीं बनाया जा सकता है।