पासपोर्ट डिस्प्यूट: कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
चंडीगढ़ | रिन्यूपासपोर्ट का एड्रेस वेरिफाई होने का हवाला देकर पासपोर्ट सरेंडर करने के विवाद को लेकर चंडीगढ़ के मुनीष माधव पराशर द्वारा आरपीओ राकेश अग्रवाल के खिलाफ दायर याचिका पर जेएमआईसी निशा की अदालत ने संबंधित थाना एसएचओ को जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुनीष माधव पराशर का आरोप है कि उन्होंने 1992 में पासपोर्ट बनवाया था। 7 अक्टूबर 2013 को उनके चंडीगढ़ के पते पर एक आरपीओ ऑफिस से एक लेटर आया। इसमें लिखा था कि 2012 में जो मैंने पासपोर्ट रिन्यू करवाया है, उसका एड्रेस वेरिफाई नहीं हुआ है। इस दौरान मुनीष यूएस में थे। वहां आरपीओ ऑफिस को पत्र लिखा और कहा कि उसे पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन और सभी औपचारिकताओं के बाद रिन्यू किया गया था। इसके बाद अप्रैल 2014 में उसे पत्र आया कि आप सात दिन के भीतर अपना पासपोर्ट सरेंडर कर दो। उन्होंने भारत के चीफ पासपोर्ट ऑफिसर को पत्र लिखा कि उसके साथ आरपीओ ऑफिस ऐसा कर रहा है। इस पर मुनीष को पासपोर्ट सरेंडर करने का मेल आया। भारत आने के बाद मुनीष ने यह डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में यह याचिका दायर की थी।