मृतक के बेटे ने दी थी एफआईआर, अब पुलिस कह रही समझाैता हुआ
मनोज जोशी | मोहाली manoj.joshi@dbcorp.in
मोहालीके अभयपर के पूर्व सरपंच कर्म सिंह ने कोर्ट में जज के सामने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में एफआईआर खरड़ थाने में दर्ज की गई थी। एफआईआर कर्म सिंह बेटे अरविंदर सिंह के बयानों पर दर्ज हुई थी। कर्म सिंह ने अपनी मौत से पहले फोन कर बेटे को बुलाया था। अब पुलिस यह कह रही है कि अरविंदर सिंह ने समझौता कर लिया है और उसने पुलिस को कहा है कि जो एफआईआर बेटे ने दर्ज करवाई है, वाे गलती से करवाई गई है। पुलिस उसके बयानों को पुख्ता मानकर समझौता की कार्रवाई करने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
नगदीप्लॉट पर समझौते की चर्चा: खरड़में पूरा दिन चर्चा रही कि जरनैल सिंह बाजवा तथा मृतक कर्म सिंह के बीच जो पैसों को लेकर विवाद था, उसको लेकर समझौता करवाया जा रहा है। देर शाम यह चर्चा तीव्र हो गई कि 80 लाख में समझौता हुआ है। फिर एक और चर्चा सामने आई, जिसमें कहा गया कि मृतक का ग्रैंडर, उसकी बनती राशि तथा एक प्लॉट मृतक के परिवार को दिया गया है। इसके बाद बेटे ने समझाैते की बात कही है।
सुसाइड नोट किया गायब
मृतककर्म सिंह ने जब अदालत में सल्फास निगलकर आत्महत्या की थी तो उनके हाथ में सुसाइड नोट था। वो पुलिस तथा मृतक के बेटे अरविंदर ने ही पढ़ा था। यह सुसाइड नोट पुलिस ने गायब कर दिया है, जिसका कारण यह माना जा रहा है कि इसमें पुलिस अफसरों के भी नाम थे। बुधवार को अरविंदर सिंह और खुद जरनैल बाजवा ने कहा था कि सुसाइड नोट में खरड़ के पुलिस अधिकारियों सहित 19 लोगों के नाम हैं। पुलिस इस सुसाइड नोट को कर्म सिंह द्वारा लिखी गई हिस्ट्री करार देकर मामले की लीपापोती में जुट गई है।
मृतक का हुआ अंतिम संस्कार | मृतककर्म सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैत्रिक गांव अभयपुर में वीरवार देर शाम कर दिया गया। चंडीगढ़ के पीजीआई में पोस्टमाॅर्टम होने के बाद परिजनों ने खरड़ के समीप गांव अभयपुर में अंतिम संस्कार कर दिया। बेशक पुलिस द्वारा सन्नी एन्क्लेव के एमडी जरनैल सिंह बाजवा बलजिंदर सिंह उर्फ काला के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन खुदकुशी कांड ने बहुत सारे सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें मुख्य तौर पर पुलिस द्वारा सुसाइड नोट की जानकारी मीडिया को देना है। गत दिवस देर रात तक पुलिस कर्मचारी इस सुसाइड नोट को दिखाने मीडिया के सवालों से बचते रहे। इस मामले के जांच अधिकारी अशोक कुमार ने तो अपना फोन ही स्विच आॅफ कर लिया था। उनसे जब वीरवार को इस संबंध में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने कहा कि वह कहीं बाहर हंै।
ऑल इंडिया ह्यूमन राइट वॉच के चेयरमैन अनिल कौशिक ने कहा कि पुलिस ने एफआईआर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा 306 के तहत दर्ज की है। ऐसे में समझौता करने या करवाने का या इसे मानने का हक पुलिस को कतई नहीं है। अगर कोई समझौता है तो उसे कोर्ट में लाया जाएगा। लेकिन इससे पहले पुलिस को धारा 306 के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी करना बनता है। रही बात गलती से एफआईआर करवाने की तो उस पर भी गलत जानकारी पुलिस को देकर एफआईआर दर्ज करवाने के मामले में मृतक के बेटे पर भी 182 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
{जबकि कानून के मुताबिक ऐसा किया ही नहीं जा सकता
{बेटे ने बयान दिए हैं, इसलिए करा रहे हैं सुलह: पुलिस
कर्म सिंह के परिवार के साथ बहुत नजदीकी संबंध हैं। कोई गलत फहमी हो गई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। बेटे के साथ समझौता हो गया है। शुक्रवार को हमारे वकील कोर्ट में जाकर समझौते के कागजात तैयार कर लेंगे। 80 लाख रुपए प्लॉट देने की बातों में कोई सच्चाई नहीं है। पहले भी कोई लेनदेन नहीं था। जो मशीन है वो कर्म सिंह के बेटे को दे दी गई है।
-जरनैलसिंह बाजवा, एमडी,सन्नी एन्कलेव एवं बाजवा डेवलपर्स खरड़
मृतक कर्म सिंह का बेटा अरविंदर सिंह गत दिवस मीडिया को अपने पिता के जिस फोन के जरिए जानकारी दे रहा था, वीरवार शाम उसने फोन उठाना ही बंद कर दिया। देर रात फोन लगा भी तो किसी महिला ने उठाया। जब उनसे पूछा गया कि क्या अरविंदर ने बाजवा के साथ समझौता किया है तो उन्होंने कहा कि वे अरविंदर से बात करवाते हैं। फिर फोन स्विच ऑफ ही कर दिया गया। इसके बाद कई बार ट्राई करने के बाद फोन नहीं लगा।