क्लाइमेट चेंज पर 6 महीने बाद भी बना प्रपोजल, मीटिंग में पहुंचे अफसर
प्रशासनने जो क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान तैयार किया था इसको लेकर केंद्र सरकार ने भी मीटिंग में सराहा। इस पर पैसा देने के लिए केंद्र सरकार तैयार है लेकिन प्रशासन के ऑफिसर्स ने अभी तक इसको लेकर कोई प्लानिंग ही नहीं की है। बुधवार को जब एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज पर मीटिंग बुलाई गई तो भी सीनियर ऑफिसर्स खुद नहीं आए बस अपने सुपरिटेंडेंट या किसी दूसरे स्टाफ को मीटिंग में खानापूर्ति के लिए भेज दिया। इस प्लान को मिनिस्ट्री ऑफ एन्वायर्नमेंट एंड फॉरेस्ट से अप्रूवल मिले 1 साल से ज्यादा हो गया है। दूसरा ये भी कि एक तरफ जहां नगर निगम के अफसर बजट होने का रोना रो रहे हैं वहीं, दूसरी ओर लगभग 35 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर पिछले छह महीने से कोई प्लानिंग नहीं की जा रही है।
प्रपोजलही नहीं बना: क्लाइमेटचेंज एक्शन प्लान के लिए बनाए गए नॉलेज मैनेजमेंट सेंटर एंड सेक्रेटेरिएट फॉर क्लाइमेट चेंज एडवाइजरी कमेटी की बुधवार को पहली मीटिंग थी। इसमें मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेस्ट एंड एन्वायर्नमेंट की तरफ से फ्यूचर के प्रोजेक्ट के लिए 25 करोड़ और फिर 10 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए प्रपोजल बनाने के बारे में जानकारी मांगी गई थी। इस फंड से निगम को प्रपोजल तैयार करने थे जिसको लेकर एडवाइजर ने भी पहले हुई मीटिंग में हिदायतें दी थी।
क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान पर जो भी रिक्वायरमेंट नगर निगम की तरफ से भेजी है उसको लेकर प्रपोजल तैयार कर रहे हैं। इसमें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर गारबेज कलेक्शन तक के मसलों को लेकर प्लानिंग की जा रही है। जल्द ही ये प्रपोजल फाइनल कर लिया जाएगा। -मुकेश आनंद, चीफइंजीनियर प्रशासन नगर निगम
मीटिंग में अफसरों ने अपनी जगह अपने स्टाफ को भेज दिया। एसडीएम सेंट्रल इस वक्त छुट्टी पर हैं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर की जगह सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर एनपी शर्मा आए। डायरेक्टर हायर एजूकेशन की जगह सुपरिटेंडेंट पहुंचे। सीएचबी के सीई को बुलाया पर गया था लेकिन वहां चीफ इंजीनियर तो हैं नहीं इसलिए वहां से एक्सईएन मीटिंग में पहुंचे। सीटीयू के जनरल मैनेजर भी इनमें ही शामिल हैं।