तीन लड़कों की मौत के मामले में अब सीबीआई करेगी जांच
अकालीनेता रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा और उनके बेटे रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तरनतारन के तीन लड़कों की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दी हैं। जांच का आदेश उस समय आया है जब रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा खडूर साहिब चुनाव लड़ रहे है। रिट में ये दावा किया गया था कि 2009 में जिन तीन लड़कों की सड़क हादसे में मौत बताई गई थी दरअसल एक साजिश के तहत हत्या थी, जिसको रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा की सरपस्ती में हादसे में बदल दिया गया।
क्याहै मामला: तरनतारनके गांव डोटियां की गुरमीत कौर प|ी मिल्खा सिंह का जमीन को लेकर विवाद था। गांव के सरपंच रंजीत सिंह राणा ने उस जमीन पर कब्जा करते समय गोलीबारी की, पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। जब लोगों ने धरना लगाया तो रंजीत सिंह राणा के खिलाफ 307 का मामला दायर किया गया। घटना के महज कुछ समय बाद ही 9 नवंबर 2009 को गुरमीत कौर के दो बेटे कर्मजीत सिंह और प्रभजीत सिंह, जो नौवीं 11वीं में पढ़ते थे, को दो बाइक सवार लड़कों ने घर से बुलाया और जब ये चारों लड़के आगे गए तो इनमें से तीन लड़कों कर्मजीत सिंह, प्रभजीत सिंह और जैमल सिंह की संदिग्ध हालत में मौत हो गई और एक मंदीप सिंह मल्लू नाम का लड़का बच गया। जब पुलिस ने कुछ नहीं किया तो गुरमीत कौर ने 2010 मे हाईकोर्ट में रिट दायर की। इसमें रंजीत सिंह राणा उसके दो भाई दिलबाग सिंह पटवारी और कुलदीप सिंह पर लड़कों की हत्या कराने का शक जािहर किया और रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा को रिट में पार्टी बना लिया, क्योंकि रंजीत सिंह राणा ब्रह्मपुरा का बेहद करीबी था। रिट में यह भी मुद्दा बनाया गया कि रंजीत सिंह राणा के खिलाफ 12 एफआईआर दर्ज थी लेकिन चालान एक में भी नहीं पेश किया गया और जिस मोटरसाइिकल पर हादसा बताया गया था वो भी टूटी नहीं थी।
इस संबंधी एडवोकेट राजिंदर सिंह बैंस और जगदीप सिंह रंधावा ने बताया कि जस्टिस जसपाल सिंह ने इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी हैं। उन्होंने कहा कि रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा को इसलिए पार्टी बनाया गया है क्योंकि उसके इशारे पर राणा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जहां तक उनके बेटे रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा का सवाल है उन पर भी रिट में ये एलीगेशन था कि वह धोखे से राजीनामे के नाम पर गुरमीत कौर से सारे दस्तावेज ले लाया था और बाद में मुकुर गया था।