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अबोहर दलित कत्ल कांड: सीबीआई जांच की मांग पर अदालत ने सरकार से जवाब मांगा
यह था मामला
केबल ऑपरेटर्स के कामकाज में दखल पर रोक, बिना सेटअप बॉक्स के चल सकेगा केबल टीवी
अबोहरमें 12 दिसंबर को डोडा फाॅर्म हाउस में दो दलित युवकों के हाथ-पैर काटने के मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इस मामले में 24 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीड़ित परिवारों की तरफ से कहा गया कि आरोपी शिव लाल डोडा को सरकार का समर्थन हासिल है। ऐसे में पंजाब पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए।
डोडा के फार्म हाउस पर ही दो दलित युवकों के हाथ पैर काटने का मामला सामने आया था। दलित युवक भीम टांक के हाथ और पैर तथा गुरजंट सिंह के हाथ काट दिए गए थे। मामले में शिव डोडा और उनके करीबियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। डोडा ने जिला अदालत और हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस के सामने सरेंडर किया था। भीम और गुरजंट सिंह के परिजनों ने याचिका में कहा कि घटना के दिन से ही पुलिस की जांच आरोपी शिवलाल डोडा को बचाने पर आधारित है। डोडा फार्म हाउस को पुलिस ने घटना के चार दिन बाद सील किया था। इस दौरान तो वहां की तलाशी ली गई और ही फॉरेंसिक सैंपल लिए गए। घटना की पहले दर्ज एफआईआर में भी पहले शिव लाल डोडा का नाम नहीं था। लोगों के दबाव के चलते 11 घंटे बाद एफआईआर में शिव लाल डोडा का नाम डाला गया। शिव लाल अकाली दल के हल्का इंचार्ज रह चुके हैं। ऐसे में राजनीतिक रसूख के चलते उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में इस मामले में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है।
12 दिसंबर को डोडा फार्म हाऊस पर दो दलित युवकों के हाथ पैर काटने का मामला सामने आया था। दलित युवक भीम टांक के हाथ और पैर तथा गुरजंट सिंह के हाथ काट दिए गए थे। मामले में दोनों को अस्पताल ले जाया गया था जिस दौरान भीम टांक की मौत हो गई थी। मामले में शिव लाल डोडा और उनके करीबियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई थी और इसी को आधार बनाते हुए पुलिस ने 11 लोगों पर मामला दर्ज किया था।
पुिलस पर लगाया परेशान करने का आरोप: याचिकामें कहा गया कि राजनीतिक प्रभाव के चलते भी उनके कारोबार को बंद कराया जा रहा है। ऐसे में अधिसूचना पर रोक लगाई जाए। याचिका में कहा गया कि डिजिटल इंडिया के फेज चार में ग्रामीण इलाकों में सेटअप बॉक्स लगाने की प्रावधान है और इसके लिए 31 दिसंबर 2016 तक का समय दिया गया है। बावजूद इसके पुलिस उन्हें सेटअप बॉक्स का प्रावधान करने के लिए तंग कर रही है। ऐसा करने पर कारोबार बंद करने के लिए कहा जा रहा है। याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने केंद्र पंजाब सरकार अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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