भावुक हो घुग्गी बोले, अब पंजाब पंजाबियों का कर्ज चुकाने का समय
अभी ‘प्रोबेशन पीरियड’, अच्छे प्रदर्शन पर पार्टी करेगी ‘पक्का’
पार्टी को और मजबूती मिलेगी: संजय| आपके पंजाब मामलों के प्रभारी संजय सिंह ने कहा, बतौर कलाकार घुग्गी पंजाब और पंजाबियों से संबंधित मुद्दों को संजीदगी से उठाते रहे हैं। उनके जैसी हस्ती की आमद से पार्टी को और ज्यादा मजबूती मिलेगी।
सरकारको जगाते रहे हैं: छोटेपुर| कनवीनरसुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा, घुग्गी लंबे समय से लोगों को केवल हंसा रहे हैं बल्कि समस्याओं और शिकायतों को लेकर व्यंग्यत्मक शैली में सरकारों को जगाने की कोशिश भी करते रहे हैं। उनके आने से पार्टी को जबरदस्त बल मिला है।
प्रभावशालीचेहरा मिला: मान| सांसदभगवंत मान ने कहा, घुग्गी द्वारा आम लोगों की पार्टी में शामिल होने का फैसला सराहनीय है। घुग्गी के रूप में ‘आप’ को एक एेसा प्रभावशाली एवं प्रतिष्ठित चेहरा मिल गया है जो पार्टी के एजेंडे और नीतियों को पूरे पंजाब में पहुंचाने का काम करेगा।
‘आप’ के हुए काॅमेडियन गुरप्रीत, पंजाब के हालात से मजबूर होकर लिया फैसला
मशहूरकाॅमेडियन और कलाकार गुरप्रीत घुग्गी बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए। गुरप्रीत घुग्गी ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में ‘आप’ के पंजाब मामलों के प्रभारी संजय सिंह, चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन और सांसद भगवंत मान, सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय संगठनात्मक सचिव दुर्गेश पाठक, पंजाब के कनवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर, लीगल सैल के चेयरमैन हिम्मत सिंह शेरगिल युवा विंग प्रधान हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में शामिल हुए।
गुरप्रीत घुग्गी ने कहा कि राजनीति करने में उनकी रुचि नहीं थी, लेकिन गैर-जिम्मेदार रवैये और परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबी परंपरावादी राजनीति ने पंजाब का जिस कदर बुरा हाल कर दिया है, उससे विचलित होकर सक्रिय राजनीति में आने के लिए मजबूर हो गया हूं। केजरीवाल सरकार की कारगुजारी से प्रभावित होकर ‘आप’ में शामिल होने का फैसला लिया है। घुग्गी ने कहा, 25 वर्ष पहले वह छोटे से वसीका-नवीस का काम करता था, बतौर कलाकार लोगों ने इतना कुछ दिया है, अब पंजाब और पंजाबियों का कर्ज चुकाने का समय गया है। एक प्रश्र के जबाव में घुग्गी ने कहा, आप की तुलना दूसरे राजनीतिक दलों से नहीं की जा सकती, इसलिए जनहित में जो काम आप में रहकर किया जा सकता है, वह दूसरे राजनीतिक दलों में रहकर संभव नहीं है। परंपरागत दल इतनी राजनीतिक बीमारियों का शिकार हो चुके हैं कि उनके ठीक होने या बदलने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
अरविंद केजरीवाल सरकार की कारगुजारी से प्रभावित होकर ‘आप’ में शामिल होने का फैसला लिया है।