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जग्गा ने 100 से ज्यादा लेटर लिखे, अफसरों से मिले, अब सर्विस चार्ज होगा बैन

5 वर्ष पहले
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सर्विस चार्ज गैरकानूनी, नोटिफिकेशन इसी महीने

yograj.sharma@dbcorp.in

कुछहोटलों और रेस्टोरेंट्स में सर्विस चार्ज के तौर पर जो वसूली हो रही है, उसे अब प्रशासन बैन करने जा रहा है। प्रशासन ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जल्द ही इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। अफसरों की मानें तो अब इस ड्राफ्ट पर सिर्फ फाइनल अप्रूवल प्रशासक की होनी बाकी है। इसके बाद इस ऑर्डर को लागू कर दिया जाएगा।

पिछले काफी समय से चंडीगढ़ में सेक्टर-26 और एलांते मॉल में सर्विस चार्ज वसूल करने की शिकायतें मिल रही हैं। जब फूड सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट ने बिलिंग रिकॉर्ड इकट्‌ठा किया तो पता चला कि कुछ रेस्टोरेंट्स में टोटल बिल पर 5 से 10 परसेंट तक सर्विस चार्ज वसूला जा रहा है। यह मामला कंज्यूमर फोरम भी जा चुका है, जहां से कस्टमर केे पक्ष में फैसला चुका है। प्रशासन ने सर्विस चार्ज को बैन करने के लिए जो ड्राफ्ट तैयार किया है, उसमें चार्ज को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस घोषित किया गया है। यानि ये चार्ज रेस्टोरेंट्स नहीं लगा सकेंगे। अगर लगाते हैं तो इस पर पुलिस में भी मामला दर्ज करवाया जा सकता है। साथ ही डिप्टी कमिश्नर को इसमें पावर सौंपी जाएगी, जो इसको सही तरीके से लागू करवाएंगे। ऑर्डर के बाद भी जो सर्विस चार्ज वसूलते हैं उन पर पेनल्टी का प्रोविजन रहेगा।

एडवाइजर वीके देव ने कहा कि ये अतिरिक्त बोझ है, शहर के लोगों पर। इसको लेकर प्रॉपर प्लानिंग की जा रही है और ऑर्डर फाइनल किए जा रहे हैं। जल्द इस बारे में दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।

{2015 एडवाइजरने जग्गा के साथ मीटिंग की। उन्होंने अफसरों से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी। आईएएस दानिश अशरफ को जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे रेस्टोरेंट्स से बिलिंग रिकॉर्ड इक्ट्ठा करें। रिपोर्ट अफसरों को दी गई। जिसके बाद अब ड्राफ्ट बन चुका है और जल्दी नोटिफिकेशन भी होने जा रही है।

{2014 मेंआरटीआई से जवाब मांगा। इसी साल वैट एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग बुलाई गई। इसमें भी पास हुआ कि सर्विस चार्ज बंद कर देना चाहिए। फाइनेंस सेक्रेटरी से जग्गा मिले और उनको बताया कि सरकारी टैक्स के अलावा दूसरा टैक्स लगाना कानूनन सही नहीं है।

{2015 (फरवरी) प्रशासनने शो कॉज नोटिस जारी किया, जिसमें रेस्टोरेंट्स को कहा गया कि जो रुपए उन्होंने सर्विस चार्ज के तौर पर लोगों से लिए हैं, क्यों उनसे उस पर टैक्स वसूल किया जाए। शोकॉज नोटिस का कुछ रेस्टोरेंट्स ने मिसयूज किया और सर्विस चार्ज लेना शुरू कर दिया।

{2014 (31 अक्टूबर) प्रशासनकी तरफ से सर्विस चार्ज को बैन करने के ऑर्डर जारी कर दिए गए। कुछ रेस्टोरेंट्स वालों ने हाईकोर्ट में चैलेंज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के पास पावर नहीं है कि वे इस तरह का ऑर्डर करे। इस मामले में समाधान करने के लिए कहा गया।

{2010 मेंसेक्टर-26 के कुछ रेस्टोरेंट्स में सर्विस चार्ज वसूलने की शिकायतें आने लगीं। जग्गा ने डीसी, सेक्रेटरी कंज्यूमर अफेयर्स, एडवाइजर और एडमिनिस्ट्रेटर को शिकायत दी। इंक्वायरी मार्क हुई लेकिन 2011 से लेकर 2013 तक इसमें कुछ नहीं हुआ।

{डिप्टी कमिश्नर को सौंपी जाएगी पावर, मानने वाले रेस्टोरेंट्स पर पेनल्टी

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