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3 घंटे सन एक्सपोजर जरूरी, नहीं तो बैकपेन सताएगा

5 वर्ष पहले
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डायबिटीजया ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की तरह ही विटामिन डी एकसाथ कई बीमारियों की बड़ी वजह बन चुकी है। सूरज की रोशनी से बढ़ती दूरी ने हमारे शरीर के लिए फ्री में मिलने वाला विटामिन डी कम कर दिया है। आज 86 फीसदी अाबादी विटामिन डी की कमी से कई बीमारियों का सामना कर रही है। यही वजह है कि पीजीआई अब दूसरी गंभीर बीमारियों की तरह ही विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए नेशनल पॉलिसी बनाए जाने की सिफारिश करने जा रहा है।

पीजीआई आने वाले मरीजों में विटामिन डी की बढ़ती कमी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पीजीआई में पब्लिक फोरम का भी आयोजन करेगा। इस फोरम में पीजीआई आए मरीजों को विटामिन डी की कमी से होने वाले नुकसान और बचाव के तरीके बताए जाएंगे। पीजीआई के पेन क्लीनिक की कंसल्टेंट प्रो. बबीता घई ने विटामिन डी की कमी से हो रहे नुकसान की जानकारी दी

प्रो. बबीता घई ने कहा कि बड़ी आबादी आज के दौर में पीठ की प्राॅब्लम का सामना कर रही है। ये प्राॅब्लम लाइफ स्टाइल में बदलाव, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और हमारे पॉश्चर की वजह से हो रही है। प्रो. घई बताती हैं कि 2013 से फरवरी 2015 के बीच पेन क्लीनिक में आए मरीजों पर हुई स्टडी में सामने आया कि इन मरीजों में से 86% में विटामिन डी की कमी थी। इन 86% में से 45 फीसदी में बहुत ही ज्यादा विटामिन डी की कमी पाई गई। 3% मरीजों में विटामिन डी मिला ही नहीं है।

मरीजों को विटामिन डी कमी से होने वाले नुकसान आैर फायदों की जानकारी डॉक्टर शुक्रवार देंगे। आर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के डॉ. सर्वदीप धत्त और फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट के डॉ. प्रदीप लोगों को लेक्चर देंगे। इसमें लोगों की लाइफ स्टाइल बदलकर विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए जागरूक किया जाएगा।

शरीर में विटामिन डी की कमी कई बीमारियों का कारण है, लेकिन लोअर बेक पेन और पीठ के दर्द का सबसे बड़ा कारण विटामिन डी की कमी है। लेकिन हमें ये याद रखना बहुत जरूरी है कि सूरज की रोशनी के अलावा विटामिन डी का दूसरा कोई सोर्स नहीं है। रोजाना तीन घंटे सूरज की रोशनी का एक्सपोजर हमें विटामिन डी कमी से बचाता है। दूध या अंडे जैसे डाइट्री सोर्स से हमें बहुत ही मामूली मात्रा में विटामिन डी मिलता है। इसलिए विटामिन डी का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

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