नई दिल्ली। पंजाब में भाजपा और अकाली दल का साथ नहीं छूटेगा। अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच मंगलवार रात हुई मुलाकात में तय हुआ कि 2017 का चुनाव भी साथ लड़ा जाएगा। मुलाकात पंजाब में दोनों दलों के भविष्य को लेकर थी।
चार दिन पहले ही पंजाब भाजपा के कई नेताओं ने शाह से कहा था कि वे अलग लड़ने के पक्ष में हैं। भाजपा को लगता है कि अलग होने से सरकार के खिलाफ गुस्से का असर उस पर नहीं पड़ेगा। वहीं, कुछ सीनियर नेता चाहते थे कि भाजपा को 35 सीटों पर कैंडिडेट उतारने का मौका मिले। इसीलिए टकराव बढ़ रहा था। लेकिन, अब अमित शाह 23 सीटों पर मान गए हैं। कुल 117 सीटों में से 94 पर अकाली दल लड़ेगा। यानी भाजपा पर पहले की तरह अकाली दल हावी रहेगा। सुखबीर ने देर रात कहा कि भाजपा पहले की तरह 23 सीटों पर ही लड़ेगी, फेरबदल संभव है। सुखबीर ने कहा, ‘सहयोगी दलों का ध्यान रखना भाजपा की जिम्मेदारी है। छोटा दल होने के कारण अकाली दल को नजरअंदाज करना ठीक नहीं।’
‘शर्तें मिलकर तय करेंगे’
गठबंधन न टूटने की शर्तों के बारे में पूछने पर सुखबीर ने कहा कि ये फैसला दोनों पार्टियों की स्टेट लीडरशिप करेगी। चुनाव के लिए संयुक्त कमेटी भी बनेगी, जिससे दोनों में तालमेल बना रहे।