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10 दिन तक डीजल ऑटो बैन, आरएसपीएम लेवल हुआ कम

5 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। अगर आप डीजल ऑटोरिक्शा में ट्रैवल करते हैं तो पहले यह जान लें कि इनकी वजह से आपकी हेल्थ पर कितना असर होता है। एयर पॉल्यूट करने में चंडीगढ़ में डीजल ऑटो प्रमुख कारण है। प्रशासन की स्टेट एन्वायर्नमेंट रिपोर्ट में भी पॉल्यूशन का प्रमुख कारण इन्हीं ऑटो को बताया गया है।
30 जनवरी से फिर चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा राज्यों के डीजल ऑटोरिक्शा की एंट्री बैन कर दी गई है। हालांकि 30 जनवरी के बाद 10 दिनों से ऑटो चोरी छिपे आ रहे हैं, फिर भी इनकी संख्या में कमी हुई है। 10 दिन में चंडीगढ़ में एयर पॉल्यूशन का लेवल कम हुआ है। खासतौर से रेस्पीरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर्स (आरएसपीएम) और नाइट्रोजन ऑक्साइड के लेवल में एवरेज 25 से 40 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक कमी आई है।

अभी चोरी छिपे आ रहे हैं ऑटो: हालांकि चंडीगढ़ में बैन लगा दिया गया है, लेकिन जीरकपुर, खुड्डा लाहौरा और मोहाली की तरफ से सेक्टर-48, 45 और फर्नीचर मार्केट की तरफ से डीजल ऑटोरिक्शा चंडीगढ़ में आ रहे हैं। इससे लोगों को नुकसान हो रहा है। हालांकि प्रशासन की सख्ती के बाद इनका शहर में आना कम हुआ है।
अभी तक हुआ ये
{8 से 22 जनवरी तक: एसटीए ने डीजल ऑटोरिक्शा की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी।
{22 जनवरी: मोहाली और पंचकूला के कुछ लीडर प्रशासक से मिलने गए जहां ऑटोरिक्शा को लेकर चर्चा की गई।
{23 जनवरी से 30 जनवरी: पॉलिटिकल प्रेशर के चलते डीजल ऑटोरिक्शा की फिर से एंट्री शुरु हो गई। इस दौरान कोई चालान या ऑटो को इम्पाउंड भी नहीं किया गया।
{30 जनवरी से अब तक: प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के अफसरों के साथ मीटिंग करने के बाद फिर इन डीजल ऑटोरिक्शा की एंट्री बैन कर दी।
ऐसे पड़ा पॉल्यूशन में फर्क
{ऑटोरिक्शा पर पाबंदी लगने से पहले (2 से 7 जनवरी तक)| रेस्पीरेबल सस्पेंड पर्टिकुलेट मैटर्स(आरएसपीएम) में 179 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर था, एसपीएम 217 तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड का लेवल 58 तक था।

{ऑटोरिक्शा में बैन लगा तो (8 से 21 जनवरी तक)| आरएसपीएम 71 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक कम हुआ, एसपीएम 145 तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड 38 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक।

{बैन हटा तो( 22 जनवरी के बाद)| एसपीएम का लेवल करीब 432 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर, रेस्पीरेबल सस्पेंड पर्टिकुलेट मैटर्स(आरएसपीएम) का लेवल 208 तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड का लेवल 43 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक बढ़ा।

{30 तारीख के बाद से अब तक, एंट्री बंद होने से)|सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर्स का लेवल 1 फरवरी को 110, 2 फरवरी को 159, 4 को 154 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर। रेस्पीरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर्स 1 से 8 फरवरी तक एवरेज 52 से 140 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक रहा।
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