वॉशिंगटन/ चंडीगढ़. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एंटोनिन स्कलिया के निधन के बाद नए जज के अप्वाइंटमेंट पर कॉन्ट्रोवर्सी छिड़ गई है। स्कलिया यूएस सुप्रीम कोर्ट में इटालियन ऑरिजिन के पहले जज थे। उनकी जगह चंडीगढ़ में जन्मे श्रीकांत श्री श्रीनिवासन (48) जज बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। लेकिन यूएस में नया प्रेसिडेंट बनने से 11 महीने पहले हो रहे इस अप्वाइंटमेंट का विरोध हो रहा है। श्रीकांत के नाम पर किसे और क्यों है एतराज...
- प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने कहा है कि वे नया जज अप्वाइंट कर रहे हैं, जबकि प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में रिपब्लिकन कैंडिडेट बनने की दौड़ में शामिल नेताओं ने उन्हें नया राष्ट्रपति बनने तक अप्वाइंटमेंट रोकने को कहा है।
- सीएनएन के मुताबिक, नए जजों की कोई भी लिस्ट श्रीनिवासन से शुरू होती है। वे अभी डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स के मेंबर हैं।
- यह पोस्ट सुप्रीम कोर्ट तक जाने की सीढ़ी मानी जाती है।
- जस्टिस स्कलिया के रहने तक सुप्रीम कोर्ट में कंजर्वेटिव जजों का 5-4 से बहुमत था। अब कंजर्वेटिव और लिबरल दोनों 4-4 हो गए हैं।
- जस्टिस स्कलिया का अप्वाइंटमेंट 1986 में तब प्रेसिडेंट रहे रोनाल्ड रीगन ने किया था। तब से 30 साल तक उन्होंने कई अहम फैसले किए।
- ओबामा ने उन्हें एक ‘एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी ज्यूडिशियल थिंकर’ बताया है।
- बता दें कि यूएस सुप्रीम कोर्ट में एक बार नियुक्त होने पर जज ताउम्र जज ही रहता है। वह इस्तीफा दे सकता है या फिर उसे इम्पीचमेंट के जरिए हटाया जा सकता है।
- यही वजह है कि कोई भी पोस्ट खाली होने पर प्रेसिडेंट अपनी पसंद और आइडियोलॉजी का जज अप्वाइंट करने की जल्दी में रहते हैं।
कौन हैं श्रीनिवासन?
- चंडीगढ़ में 23 फरवरी, 1967 को जन्मे पद्मनाभ श्रीकांत श्रीनिवासन का परिवार तमिलनाडु के तिरुनेलवेलि से आया था। बाद में वे अमेरिका चले गए जहां उनके पिता कन्सास यूनिवर्सिटी में मैथ्स के प्रोफेेसर थे। उनकी मां भी वहीं आर्ट इंस्टीट्यूट में पढ़ाती थीं।
- श्रीनिवासन ओबामा के प्रिंसिपल डिप्टी सॉलिसिटर जनरल थे। 2013 में राष्ट्रपति ओबामा ने उन्हें अमेरिका के दूसरे सबसे ताकतवर कोर्ट में जज बनाया।
- यूएस कोर्ट्स ऑफ अपील फॉर द डिस्ट्रक्ट ऑफ कोलंबिया के जज बनने वाले वे पहले भारतवंशी अमेरिकी हैं।
जज की नियुक्ति मुद्दा क्यों ?
- अमेरिका में प्रेसिडेंट जज को नॉमिनेट करता है। लेकिन अप्वाइंटमेंट के लिए सीनेट की मंजूरी जरूरी होती है। अगर ओबामा नया जज नियुक्त करते हैं, तो सीनेट में 97-0 से मंजूरी जरूरी है।
- सीनेट में बहुमत रिपब्लिकन पार्टी का है। इनमें टैड क्रूज और मार्को रूबियो भी शामिल हैं, जो राष्ट्रपति चुनाव में टिकट पाने की दौड़ में हैं।
- रिपब्लिकन पार्टी ओबामा को नया जज नियुक्त नहीं करने की सलाह दे रही है।
क्या कहते हैं रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के दावेदार
- "पार्टी को चाहिए कि वो एक पूरी पीढ़ी के लिए सुप्रीम कोर्ट से अपना असर न छूटने दे।" - टैड क्रूज, सीनेटर टैक्सास
- "ओबामा 2017 तक राष्ट्रपति हैं। उन्हें नई नियुक्ति करने का हक है। यह तथ्य है, रिपब्लिकन चाहें या नहीं।" - हिलेरी क्लिंटन
- "अगर ओबामा किसी को नियुक्त करें तो सीनेट मंजूरी देने में देर, देर और देर करे।" - डोनाल्ड ट्रम्प
- "जब तक नए राष्ट्रपति का चुनाव न हो जाए यह पद नहीं भरा जाना चाहिए।" - मिच मैकोनैल (सीनेट बहुमत दल के नेता)
डेमोक्रेट राष्ट्रपतियों ने इन्हें जज बनाया
रूथ बी गिंसबर्ग (82), सोनिया सोटोमेयर (61), स्टीफन ब्रेयर (77), एलीना कगन (55) ये सभी लिबरल कहलाते हैं।
रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने इन्हें अप्वाइंट किया
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स (61), क्लेरेंस थॉमस (67), एंथनी कैनेडी (79), सैम्युअल एलिटो (65)। ये सभी कंजर्वेटिव कहलाते हैं।
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