चंडीगढ़। पीयू में डेंटल कॉलेज के टीचरों की प्रमोशन बिना इंटरव्यू और एपीआई के करने की तैयारी की जा चुकी है। सोमवार को होने वाली पीयू फाइनेंस बोर्ड की मीटिंग में डेंटल कॉलेज की फैकल्टी के लिए तैयार पॉलिसी को भी रखने की संभावना है। ताकि डेंटल फैकल्टी की प्रमोशन की पॉलिसी मंजूर कराई जा सके।
हालांकि ये पॉलिसी यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। यूजीसी पिछले महीने ही पीयू को यूजीसी के नियमों को फॉलो करने और किसी भी सूरत में इन नियमों को डेविएट नहीं कर सकता। करिअर एडवांसमेंट स्कीम के डेंटल फैकल्टी की पर्सनल प्रमोशन पॉलिसी में एपीआई और इंटरव्यू को शामिल किए बगैर सीधे प्रमोट करने की पॉलिसी तैयार की गई है। बीएचयू बीएचयू और एएमयू में डेंटल फैकल्टी की प्रमोशन का प्रावधान है। लेकिन ये प्रमोशन यूजीसी के पैट्रन के मुताबिक हो रही हैं।
ये है सीएएस प्रमोशन के नियम
यूजीसी सीएएस प्रमोशन के लिए बने नियम कहीं सख्त है। यूजीसी की पॉलिसी में स्टेज एक में एपीआई स्कोर, ओरिएंटेशन और रिफ्रेशर कोर्स अटेंड करना लाजिमी किया गया है। साथ ही स्क्रीनिंग के बाद प्रमोशन होगी। इसी तरह आगे की स्टेज में भी कड़ी शर्तों को क्लियर करना लाजिमी है।
यूजीसी ने पिछले महीने ही पीयू को चेताया
यूजीसी ने पिछले ही महीने पंजाब यूनिवर्सिटी को डेंटल फैकल्टी की प्रमोशन या नियुक्ति के लिए तय नियमों को लागू करने के लिए कहा है। यूजीसी के अंडर सेक्रेटरी सतीश कुमार ने पिछले महीने 22 जनवरी को पीयू के रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में इस बारे निर्देश दिए हैं।
आय बढ़ाने का जिक्र नहीं
पीयू फाइनेंस बोर्ड की एजेंडे में कहीं भी आय बढ़ाने का जिक्र नहीं है। एजेंडे में शामिल लगभग 3 दर्जन आइटम्स में एरिअर, पे फिक्सेशन और प्रमोशन जैसे इश्यू हैं पर घाटे से निपटने का कोई जिक्र नहीं है।