पत्नी के नहीं हैं दोनों हाथ-पांव, पति की मदद से ऐसे पूरा किया सुहाग का व्रत / पत्नी के नहीं हैं दोनों हाथ-पांव, पति की मदद से ऐसे पूरा किया सुहाग का व्रत

विनोद का एक पैर काम नहीं करता, लेकिन आज लक्ष्मी ने विनोद के लिए करवाचौथ का व्रत रखा और उसे पूरा किया।

Oct 08, 2017, 11:09 PM IST
विनोद और लक्ष्मी। विनोद और लक्ष्मी।
मोहाली(चंडीगढ़). आज शहर में लोगों को एक अलग ही वाक्या देखने को मिला। मामला ऐसा है कि आदर्श नगर निवासी विनोद और लक्ष्मी ने हाल ही में लव मैरिज की थी। लक्ष्मी के बचपन से ही न दोनों हाथ हैं और न दोनों पांव हैं। उसकी मां ने उसकी शादी को लेकर आस छोड़ दी थी, लेकिन भगवान के मंदिर में लक्ष्मी को विनोद के रूप में अपना जीवनसाथी मिल गया। हालां कि विनोद का एक पैर काम नहीं करता, लेकिन आज लक्ष्मी ने विनोद के लिए करवाचौथ का व्रत रखा और उसे पूरा किया। कहा- जीवन साथी उसकी हर जरूरत को पूरा करता है...
- नई साड़ी और श्रृंगार के साथ करवाचौथ मनाने के लिए लक्ष्मी तैयार होकर जब मंदिर जाने लगी तो उसने अपने पति विनोद का सहारा लिया।
- हाथ और पांव न होने पर उसकी देखरेख उनकी मां चंद्रकला ही करती है।
- मुस्कुराते हुए लक्ष्मी कहती है कि जीवन में चाहे भगवान ने हाथ-पांव न दिए हो लेकिन उसका जीवन साथी उसकी हर जरूरत को पूरा करता है।
- लकवाग्रस्त पैरों के कारण वैशाखी से चलने वाले विनोद ने कहा कि पिछले दिनों ही मेरी लक्ष्मी से शादी हुई है।
पति ने अपने हाथों मे पकड़ी छन्नी
- लक्ष्मी दोनों हाथ न होने के कारण पूजा की थाली और छन्नी नहीं पकड़ सकती थी, इसलिए विनोद ने ही छन्नी और पूजा की थाली हाथ में पकड़ी और उसमें से लक्ष्मी ने उसका चहरा देखा।
- 24 वर्षीय लक्ष्मी बचपन से हैंडीकैप्ड है और विनोद पोलियो से पीड़ित है।
- दोनों की मुलाकात एक मंदिर में हुई थी। दोनों ने डेढ़ साल की आपसी प्यार के बाद शादी की।
हर सुख-दुख में साथ देने का किया था वादा
- विनोद और लक्ष्मी ने कहा कि वो दोनों अभी तक खुद को पूरा महसूस नहीं करते थे, लेकिन जब दोनों एक-दूसरे से मिले और बातचीत शुरू की तो दोनों में प्यार हो गया।
- एक-दूसरे को पाकर वे खुद को पूरा महसूस करने लगे। इसके बाद उन्होंने फैसला किया और शादी करने का मन बनाया।
- उन्होंने हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया।
आगे की स्लाइड्स में देखें, दोनों की करवा चौथ की पूजा के फोटोज...
विनोद की वाईफ पति का चेहरा देखते हुए। विनोद की वाईफ पति का चेहरा देखते हुए।
दोनों ने कुर्सी पर बैठ की रश्में पूरी। दोनों ने कुर्सी पर बैठ की रश्में पूरी।
दोनों इस शादी से बहुत खुश हैं। दोनों इस शादी से बहुत खुश हैं।
विनोद का एक पैर काम नहीं करता। विनोद का एक पैर काम नहीं करता।
लक्ष्मी के बचपन से ही न दोनों हाथ हैं और न दोनों पांव हैं। लक्ष्मी के बचपन से ही न दोनों हाथ हैं और न दोनों पांव हैं।
विनोद और लक्ष्मी एक-दूसरे से मंिदर में मिले थे। विनोद और लक्ष्मी एक-दूसरे से मंिदर में मिले थे।
इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे को अपना जीवन साथी चुनने का फैसला ले लिया। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे को अपना जीवन साथी चुनने का फैसला ले लिया।
लक्ष्मी तैयार होकर जब मंदिर जाने लगी तो उसने अपने पति विनोद का सहारा लिया। लक्ष्मी तैयार होकर जब मंदिर जाने लगी तो उसने अपने पति विनोद का सहारा लिया।
हाथ और पांव न होने पर उसकी देखरेख उनकी मां चंद्रकला ही करती है। हाथ और पांव न होने पर उसकी देखरेख उनकी मां चंद्रकला ही करती है।
विनोद पोलियो से पीड़ित है। विनोद पोलियो से पीड़ित है।
दोनों की मुलाकात एक मंदिर में हुई थी। दोनों की मुलाकात एक मंदिर में हुई थी।
दोनों ने डेढ़ साल की आपसी प्यार के बाद शादी की। दोनों ने डेढ़ साल की आपसी प्यार के बाद शादी की।
हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया। हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया।
दोनों ने कुछ ही दिन पहले शादी की थी। दोनों ने कुछ ही दिन पहले शादी की थी।
विनोद और लक्ष्मी। विनोद और लक्ष्मी।
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विनोद और लक्ष्मी।विनोद और लक्ष्मी।
विनोद की वाईफ पति का चेहरा देखते हुए।विनोद की वाईफ पति का चेहरा देखते हुए।
दोनों ने कुर्सी पर बैठ की रश्में पूरी।दोनों ने कुर्सी पर बैठ की रश्में पूरी।
दोनों इस शादी से बहुत खुश हैं।दोनों इस शादी से बहुत खुश हैं।
विनोद का एक पैर काम नहीं करता।विनोद का एक पैर काम नहीं करता।
लक्ष्मी के बचपन से ही न दोनों हाथ हैं और न दोनों पांव हैं।लक्ष्मी के बचपन से ही न दोनों हाथ हैं और न दोनों पांव हैं।
विनोद और लक्ष्मी एक-दूसरे से मंिदर में मिले थे।विनोद और लक्ष्मी एक-दूसरे से मंिदर में मिले थे।
इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे को अपना जीवन साथी चुनने का फैसला ले लिया।इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे को अपना जीवन साथी चुनने का फैसला ले लिया।
लक्ष्मी तैयार होकर जब मंदिर जाने लगी तो उसने अपने पति विनोद का सहारा लिया।लक्ष्मी तैयार होकर जब मंदिर जाने लगी तो उसने अपने पति विनोद का सहारा लिया।
हाथ और पांव न होने पर उसकी देखरेख उनकी मां चंद्रकला ही करती है।हाथ और पांव न होने पर उसकी देखरेख उनकी मां चंद्रकला ही करती है।
विनोद पोलियो से पीड़ित है।विनोद पोलियो से पीड़ित है।
दोनों की मुलाकात एक मंदिर में हुई थी।दोनों की मुलाकात एक मंदिर में हुई थी।
दोनों ने डेढ़ साल की आपसी प्यार के बाद शादी की।दोनों ने डेढ़ साल की आपसी प्यार के बाद शादी की।
हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया।हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया।
दोनों ने कुछ ही दिन पहले शादी की थी।दोनों ने कुछ ही दिन पहले शादी की थी।
विनोद और लक्ष्मी।विनोद और लक्ष्मी।
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