चंडीगढ़। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी ) से जुड़े एक मामले में महिलाओं के पक्ष में निर्णय दिया है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ प्रेग्नेंसी को आधार बनाकर एएमसी में महिला डॉक्टरों की भर्ती पर रोक नहीं लगा सकते।
आधुनिक भारत में इसके लिए कोई जगह नहीं है। जस्टिस हरिंदर सिंह संधू ने कहा कि किसी महिला को मां बनने या नौकरी में से कोई एक चुनने को कहना सही नहीं है। यह उसके मां बनने और रोजगार, दोनों अधिकारों का उल्लंघन है। इसके लिए भारत में जगह नहीं है। पठानकोट की नीतू ने प्रेग्नेंसी के कारण भर्ती रद्द होने के फैसले के खिलाफ याचिका दी थी।