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देश में एेसा पहली बार विरोध, कांग्रेसियों ने विधानसभा में गुजारी रात

5 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर स्पीकर के बहस नहीं करवाने के विरोध में विधायकों ने पूरी रात पंजाब विधानसभा में गुजार दी। इस दौरान बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई, लेकिन विधायक डटे रहे। कांग्रेस के सभी 30 विधायकों ने विरोध में मॉक असेंबली की। बाद में अंधेरे में विधानसभा के अंदर वेल में सोए रहे। पंजाब विधानसभा में ऐसा पहली बार हुआ। इससे पहले कर्नाटक और ओडिशा विधानसभा में भी ऐसे मामले हो चुके हैं। कांग्रेस किन मुद्दों पर चाहती थी बहस...
- विधानसभा में रहने वाले विधायकों में चार महिलाएं और 26 पुरुष थे। महिला विधायकों के नाम हरचंद कौर, अरुणा चौधरी, चरणजीत कौर बाजवा और करण बराड़ हैं।
- सोमवार को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली कांग्रेस नशा, बेरोजगारी, किसानों की खुदकुशी सहित 11 मुद्दों पर बहस नहीं कर पाई।
- पहले कांग्रेस ने बहस के लिए समय बढ़ाने की मांग की। फिर छोटी-छोटी बातों पर समय खराब कर खुद ही सत्ता पक्ष के चक्रव्यूह में फंसती चली गई।
- इसे अकाली दल ने जबरदस्त तरीके से कैश किया। इसी बीच, कांग्रेसियों ने अकाली नेता झूंडा से बहस के बाद नारेबाजी की और मार्शल्स से धक्का-मुक्की भी।
- दिलचस्प बात ये थी कि बाद में कांग्रेस पार्टी मॉक असेंबली चलाती रही और सत्ताधारी दल की गैरहाजिरी में उनके कामों की आलोचना करती रही।
- उधर, सीएम बादल ने कहा कि विकास, लॉ एंड आर्डर और अन्य मुद्दों पर बात करने की बजाए कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव में शोर-शराबा करके लोकतंत्र का मजाक उड़ाया।
देश में पहले भी हुए हैं ऐसे मामले
- जुलाई 2010 में कर्नाटक असेंबली में ऐसा नजारा देखने को मिला। कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों ने बीजेपी नेता और तब के सीएम येदियुरप्पा के विरोध में विधानसभा में दो रातें गुजार दीं। वे अवैध खनन मामले का विरोध कर रहे थे।
- दिसंबर 2009 में ओडिशा में बीजेपी और कांग्रेस विधायकों ने सीएम नवीन पटनायक के विरोध में विधानसभा के फ्लोर पर रात गुजार दी। ये विधायक भी अवैध खनन मामलों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।
अकालियों ने कांग्रेसी विधायकों को ऐसे फंसाया चक्रव्यूह में
- स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए दो घंटे का समय निश्चित किया था।
- विपक्ष के नेता चरणजीत सिंह चन्नी इसी बात पर अड़ गए कि दो घंटे कम हैं। जिद पर स्पीकर ने तीन घंटे फिक्स कर दिए।
- इसी बीच 15 मिनट निकल गए। स्पीच शुरू की तो बादल परिवार पर हमले से।
- कहा कि लोगों ने इन्हें चौकीदार बनाया था, लेकिन इन्होंने लोगों को लूटना शुरू कर दिया।
- सत्ता पक्ष ने एतराज जताया। उन्होंने चन्नी से माफी मांगने को कहा।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें : झूंदा का बैज उतरवाने पर अड़े रहे, मार्शल्स से भिड़े...
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