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धमकियों के बाद बेटे-बेटी को यूएसए भेज एसपी के खिलाफ डटी हैं ईटीओ की पत्नी

5 वर्ष पहले
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मोहाली। जिंदगी की दाैड़ में कठिनाइयों का सामना वही लोग करते है, जिनमें कुछ कर गुजरने का जज्बा हो। एक एसपी की वजह से सिर से पति का साया उठ जाने के बाद एक बार तो मैंने भी जिंदगी से हार मान ली थी।
लोग कहते थे कि एसपी से पंगा लेना कोई आसान बात नहीं, इसलिए किसी को भी यह सच्चाई पता नहीं लगनी चाहिए कि मेरे पति ईटीओ रंजीत सिंह ने किस वजह से आत्महत्या की। धमकियों के कारण मुझे बेटे और बेटी की फिक्र थी कि कहीं उन पर कोई आंच न आ जाए, इसलिए उन्हें आगे पढ़ाई के लिए यूएसए भेज दिया। उसके बाद ठान लिया कि जिस एसपी विजिलेंस अमनदीप कौर राय की वजह से मैंने अपने पति को खोया है, उसे हर हाल में सजा दिलाकर रहूंगी। अब यह जंग लड़ना मेरी जिंदगी का मकसद बन चुका है और जब तक एसपी को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा। यह बात ईटीओ रंजीत सिंह की पत्नी मंजीत कौर ने कही। उन्होंने कहा-सरदार जी तां हुण वापस आ नीं सकदे, पर एसपी नूं सजा दवाके ही रहांगी...
सुप्रीम कोर्ट ने भी निकाला वारंट
एफआईआर दर्ज होने के बाद भी एसपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। पुलिस मामले को दबाने में लगी थी। मंजीत कौर पर दबाव बनाया जा रहा था कि वे शिकायत वापस ले लें। कई बार उनके घर पर पथराव और हमले करवाए गए, लेकिन मंजीत कौर ने हार नहीं मानी। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने एसपी के अरेस्ट वारंट निकाले, लेकिन पुलिस अरेस्ट नहीं कर पाई। फिर हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसपी के खिलाफ अरेस्ट वारंट निकाले, जिससे दबाव बना।
बच्चे न बनें कमजोरी, इसलिए भेजे
मंजीत कौर ने बताया कि पति के देहांत के बाद उनके बेटा-बेटी ही उनका सहारा हैं। एसपी के कारिंदों से अकसर धमकियां मिलती थीं। कभी घर के बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए जाते तो कभी घर के अंदर पत्थर फेंके जाते। उनके संघर्ष में बच्चे उनकी कमजोरी न बनें, इसलिए उन्होंने बेटे-बेटी को पढ़ाई के लिए यूएसए भेज दिया और एसपी के खिलाफ अकेली मैदान में आ डटीं। उन्होंने बताया कि वे यहां सिर्फ अपने पति का केस लड़ने के लिए रह रही हैं।
जांच टीम ने ट्रैप को बताया फेक
2011 में विजिलेंस की टीम ने एसपी विजिलेंस अमनदीप कौर राय की अगुअाई में फेज-2 से ईटीओ रंजीत सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने का दावा किया था। एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। ईटीओ जब जमानत पर आए तो उन्होंने इस झूठे केस के चलते आत्महत्या कर ली थी। इस पर पंजाब भर के ईटीओज ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद सरकार द्वारा बनाई गई दो सदस्यीय जांच टीम की जांच में उस विजिलेंस ट्रैप को फेक पाया गया।
मोहाली कोर्ट में चल रहा है केस
फेज-2 में रहने वाले ईटीओ रंजीत सिंह को लुधियाना की एसपी विजिलेंस अमनदीप कौर राय ने झूठा ट्रैप लगाकर रिश्वत के झूठे केस में फंसा दिया था, जबकि वे एक ईमानदार अफसर थे। इस झूठे केस से दुखी होकर ईटीओ रंजीत सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। मामला एसपी से जुड़ा होने के कारण पहले तो पुलिस ने एसपी और अन्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में ही 9 महीने लगा दिए। इसके लिए ईटीओ रंजीत सिंह की पत्नी मंजीत कौर ने काफी संघर्ष किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस एसपी को गिरफ्तार नहीं कर रही थी, जिस पर मंजीत िफर संघर्ष के रास्ते पर चल पड़ीं और सड़कों पर उतर आईं। उन्होंने थाने से लेकर एसएसपी ऑफिस तक के कई चक्कर काटे। यहां तक कि डिप्टी सीएम और कैबिनेट मिनिस्टर्स तक को लेटर लिखे और एसपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने दिए। करीब दो साल चले उनके संघर्ष ने असर दिखाया और पुलिस ने दबाव बनाकर एसपी को सरेंडर करने के लिए मजबूर कर दिया। हालांकि अब वह बेल पर बाहर है। अब मंजीत एसपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए संघर्ष कर रही हैं और तब तक पीछे नहीं हटेंगी, जब तक एसपी अमनदीप कौर राय को सजा नहीं दिला देंगी। एसपी विजिलेंस व अन्यों के खिलाफ मोहाली काेर्ट में केस चल रहा है, जिसकी अगली सुनवाई 19 फरवरी को है।
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