चंडीगढ़ । फ्रांस के बाद अब यूके ने चंडीगढ़ में इन्वेस्टमेंट के लिए अपना इंटरेस्ट दिखाया है। यूके के शहर नॉटिंघम के साथ जल्द ही यूटी प्रशासन एमओयू करने जा रहा है। सोमवार को नॉटिंघम सिटी काउंसिल की एक टीम चंडीगढ़ आई। उनके साथ डिप्टी ब्रिटिश हाई कमिशन भी थे। नॉटिंघम सिटी काउंसिल और प्रशासन की मीटिंग यूटी गेस्ट हाउस में हुई। मीटिंग में फैसला हुआ है कि चंडीगढ़ के स्मार्ट सिटी प्रपोजल में नॉटिंघम के एक्सपर्ट टेक्नीकल सपोर्ट देंगे।
नॉटिंघम ने विशेषतौर पर तीन फील्ड में अपना सहयोग देने की बात कही है। इनमें इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सेफ्टी सोल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट शामिल हैं। इन तीनों सब्जेक्ट्स पर चंडीगढ़ को किस तरह वर्ल्ड क्लास बनाना है, इसके लिए नॉटिंघम का टेक्नीकल सपोर्ट मिलेगा। इन तीनों फील्ड्स में माहिर कंपनियों के प्रोजेक्ट मैनेजर चंडीगढ़ आएंगे और प्रशासन के अफसरों के साथ मुलाकात करेंगे। अब दो महीने बाद दोबारा नॉटिंघम के एक्सपर्ट्स के साथ प्रशासन की मीटिंग होगी। इसके बाद आगे का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
यहां मिलेगा नॉटिंघम का सपोर्ट
1 इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सेफ्टी सोल्यूशंस: नॉटिंघम में रोड्स पर ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जो गाड़ियों की नंबर प्लेट पहचान लेते हैं। ऐसे कैमरे लगेंगे।
2 इलेक्ट्रिकल व्हीकल: वहां बसें भी इलेक्ट्रिकल हैं। ये बस स्टॉप्स के नीचे लगे पॉइंट्स से चार्ज होती हैं। ऐसी टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ लाएंगे।
3 सॉलिड वेस्ट: नॉटिंघम का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट भी काफी स्ट्रॉन्ग हैं। वहां सॉलिड वेस्ट से बिजली पैदा करने जैसे भी काम होते हैं। शहर के साॅलिड वेस्ट सिस्टम को भी इसी तरह मजबूत किया जाएगा।
जल्द करेंगे एमओयू
तीन फील्ड्स में नॉटिंघम का टेक्नीकल सपोर्ट रहेगा। एक्सपर्ट इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सेफ्टी सोल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर अपना सहयोग देंगे।
अनुराग अग्रवाल, होम सेक्रेटरी