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एक औरत के मन की बात कहती है यह किताब

7 वर्ष पहले
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भारतीयसाहित्य में इरॉटिका कोई नई बात नहीं है। कालिदास से लेकर जयदेव तक को उठाकर देख लें, यहां तक कि भक्ति अांदोलन को भी देख लें तो ऐसे उदाहरण िमल जाएंगे। बहुत विस्तार और खूबसूरती से इस विधा में काम किया गया है। लेकिन बाद में इस विधा में लिखना कम या कहें कि बंद ही हो गया। अब फिर से अगर इसमें लेखन हो रहा है तो बुरा क्या है? पूछती हैं श्रीमोई पियु कुंडु। अपनी लेटेस्ट इरॉटिका सीता\\\'ज कर्स-द लैंग्वेज ऑफ डिजायर को लेकर वे वीरवार शाम चंडीगढ़ में थीं। सेक्टर 17 गर्ल इन कैफे में उनकी इस िकताब पर चर्चा के लिए पहुंचीं श्रीमोई कहती हैं, ‘इस जॉनर को मैंने इसलिए ट्राई किया क्योंकि मैं चाहती थी कि औरत के मन की बात को सामने रखूं। एक इंसान होने के नाते जो भावनाएं पुरुष की हैं वे औरत की भी तो हैं। फिर क्यों वह िसर्फ इसलिए उन्हें जाहिर करे क्योंकि समाज में इसे बुरा माना जाता है।

श्रीमोई पत्रकार से लेखक बनी हैं। उनकी इस किताब की देशभर में काफी चर्चा हुई है। चार महीने में ही दस हजार कॉपी बिक जाने के बाद इसके पब्लिशर हैशेट तीसरे एडीशन की तैयारी में हैं। श्रीमोई के लिए यह किताब महज लेखन नहीं बल्कि औरत की आजादी से जुड़ा दस्तावेज भी है। वे कहानी के जरिए सीधे तौर पर फेमिनिज्म की बात भी उठाती हैं। वे मानती हैं कि हमारा यानी ज्यादातर देशवासियों का डबल स्टैंडर्ड उन्हें अपनी भावनाएं छुपाने के लिए मजबूर करता है। तभी तो एक वल्गर या डबल मीनिंग गाने को ड्राइंग रूम में मेहमानों के साथ बैठकर एंजॉय करते हैं और बोल्ड किताब को पढ़ने से परहेज किया जाता है। उन्होंने इस किताब में एक महिला की सेक्सुएलिटी को केंद्र में रखते हुए उसके वजूद की आजादी की बात उठाई है। कािबलेजिक्र है कि इससे पहले कमला दास, इस्मत चुगताई जैसी लेखकों को उनके बोल्ड लेखन के लिए जाना जाता रहा है। बाद में कुछ फिल्मो में भी ऐसे विषयों को संवेदनशीलता के साथ उठाया गया। क्या वे अपनी इस किताब को एक फिल्म की तरह देख पा रही हैं? जवाब था-मैं इसके लिए तैयार हूं बशर्ते इस पर बनने वाली फिल्म सब्जेक्ट के साथ पूरी तरह इंसाफ कर सके। सिर्फ सस्ती लोकपि्रयता मेरा मकसद नहीं है। आगे भी क्या वे इसी जॉनर पर काम करेंगी या फिर कुछ और लिखेंगी? श्रीमोई कहती हैं-मेरी अगली किताब दस लेखकों की एरॉटिक एंथोलॉजी होगी। ये सब पुरुष लेखक होंगे। क्या उन्होंने इसके लिए राइटर