- Hindi News
- इम्प्लॉइज हाउसिंग: चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार ने एक दूसरे को जमीन देने से मना किया
इम्प्लॉइज हाउसिंग: चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार ने एक दूसरे को जमीन देने से मना किया
चंडीगढ़प्रशासनऔर पंजाब सरकार ने एक-दूसरे को जमीन देने से इनकार कर दिया है। प्रशासन ने पंजाब सरकार से इम्प्लॉइज हाउसिंग स्कीम के लिए मुल्लांपुर में जमीन मांगी थी। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि मुल्लांपुर की प्लानिंग पूरी हो चुकी है, ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन को जमीन नहीं दी जा सकती। प्रशासन को यदि जमीन दी गई तो मुल्लांपुर की पूरी प्लानिंग गड़बड़ हो जाएगी।
पंजाब सरकार ने भी प्रशासन से चंडीगढ़ में 200 एकड़ जमीन मांगी थी। पंजाब सरकार इस जमीन पर अपने इम्प्लाॅइज के लिए सरकारी मकान बनाना चाहती थी। पंजाब के दफ्तरों के लिए भी उसे चंडीगढ़ में जमीन चाहिए थी। लेकिन प्रशासन ने पंजाब सरकार को कह दिया है कि होम मिनिस्ट्री के आदेश के अनुसार वह किसी को भी रियायती दरों पर जमीन नहीं दे सकता। एडवाइजर केके शर्मा के अनुसार शहर में जमीन की कमी है, ऐसे में पंजाब सरकार को 200 एकड़ जमीन कैसे दी जा सकती है।
{2008 में लॉन्च की गई थी चंडीगढ़ इम्प्लॉइज हाउसिंग स्कीम
{3900 फ्लैट्स के चंडीगढ़ प्रशासन के करीब 7000 इम्प्लॉइज ने किया था एप्लाई
{ 6 साल में इस स्कीम के लिए जमीन तक फाइनल नहीं हो पाई
चंडीढ़ प्रशासन के इम्प्लाॅइज 2008 से शहर में अपने फ्लैट्स का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस स्कीम के लिए अब चंडीगढ़ के आसपास पंजाब-हरियाणा में जमीन मिलने की संभावना खत्म हो गई है। ऐसे में प्रशासन के लिए इम्प्लाॅइज हाउसिंग के लिए शहर में ही जमीन देना मजबूरी बन गया है। प्रशासन ने शहर के दक्षिणी सेक्टरों में इम्प्लाॅइज हाउसिंग के लिए जमीन रिजर्व भी रखी हुई है, लेकिन अब तक अलॉट नहीं की गई। वहीं इम्प्लाॅइज हाउसिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट बलविंदर सिंह के अनुसार कर्मचारी चंडीगढ़ में ही जमीन चाहते हैं। अन्य इलाकों में उन्हें जमीन नहीं चाहिए।
इम्प्लॉइज हाउसिंग के लिए अब चंडीगढ़ में ही देनी होगी जमीन