पुलिस का अनुमान था कि 4 से 5 हजार तक
पुलिस का अनुमान था कि 4 से 5 हजार तक समर्थक ही पहुंचेंगे। लेकिन इनकी संख्या 20 हजार तक होने के बाद पुलिस इस कोशिश में कि दोबारा ऐसी नौबत आए। पुलिस हाईकोर्ट से रिक्वेस्ट करेगी कि पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो।
पुलिस को अंदेशा था कि हाईकोर्ट में संत रामपाल के खिलाफ कोई फैसला आया तो समर्थकों की भीड़ उग्र हो सकती है। प्रदर्शन के लिए समर्थकों ने तख्तियां भी तैयार की हुईं थी। सुबह करीब 10.30 बजे पुलिस को जानकारी मिली कि संत रामपाल चंडीगढ़ नहीं रहे। इसके बाद समर्थक भी दोपहर करीब 2 बजे तक वापस हरियाणा रवाना हो गए।
बुधवार सुबह 7 बजे समर्थकों की गाड़ियों के कारण अंबाला हाईवे, जन मार्ग, सेक्टर 25, 15, 23, 24 और हाईकोर्ट की तरफ जाने वाली सड़कों पर जाम लग गया। हाउसिंग बोर्ड लाइट पॉइंट, ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट और पंचकूला बाॅर्डर पर पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। ऐसे में दस मिनट का सफर तय करने में लाेगों को पौना घंटा लग गया।
चंडीगढ़ | रोहतकके करौंथा आश्रम संचालक संत रामपाल बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए। मेडिकल सर्टिफिकेट देकर बताया गया कि वे बीमार हैं। लेकिन उनके समर्थक मंगलवार से ही पहुंचने शुरू हो गए थे। सीआईडी रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार सुबह 8 बजे तक संत रामपाल के करीब 20 हजार समर्थक चंडीगढ़ पहुंच गए थे। चंडीगढ़ पुलिस की मदद के लिए हरियाणा पुलिस की तीन रिजर्व टुकड़ियां भेजी गईं। स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने खास रणनीति बनाई थी। पुलिस ने मंगलवार रात को ही समर्थकों को कह दिया था कि रात को किसी को भी सड़कों पर रुकने नहीं दिया जाएगा। रुकने का सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में इंतजाम है। समर्थकों के रैली ग्राउंड पहुंचने के बाद तुरंत पुलिस ने पूरी फोर्स सेक्टर-25 में लगा दी। यहां सारे रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। दोपहर 1 बजे तक किसी को जाने नहीं दिया गया।
फोटो-रविंदर भाटिया, अश्वनी राणा
संत रामपाल तो पेशी पर नहीं आए, 20 हजार समर्थक पहुंचे गए, शहर में कई जगह लगा जाम
पुलिस ने की तौबा
जाम मे फंसी पब्लिक
तैयार थी तख्तियां
रैली ग्राउंड में जुटे