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कोठी नंबर 5 के बाहर खड़ी कार की बात ही अलग है
मनोज अपरेजा/ विजय कुमार | चंडीगढ़
14दिसंबर1983 को मारुति उद्योग ने मारुति 800 लॉन्च की थी। भारत में यह गाड़ी बहुत लोकप्रिय हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने सेना में काम करने वाले हरपाल सिंह को पहली कार की चाबी सौंपी थी।
उन्होंने कहा था- मैं चाहती हूं कि यह कार भारत के आम लोगों के काम आए और उन्हें इसे लेकर कोई शिकायत हो। हालांकि इस गाड़ी की लॉन्चिंग उनके लिए भावुक लम्हा भी था क्योंकि मारुति कंपनी के जरिए उनके बेटे संजय गांधी ने भारत में आम आदमी के लिए कार का सपना देखा था। एक दुर्घटना में संजय गांधी के निधन के बाद यह सपना पूरा होता नजर नहीं रहा था। 14 दिसंबर 1983 को संजय गांधी के जन्मदिन के मौके पर इंदिरा गांधी ने यह गाड़ी लॉन्च की थी। 14 जनवरी 2014 को भारत के लोगों की फेवरेट कार आखिरी बार असेंबली लाइन से गुजर चुकी है।
सेक्टर 21 के नरेंद्र शर्मा के पास व्हाइट कलर में 1984 मॉडल मारुति 800 है। नरेंद्र युवा हैं लेकिन इस गाड़ी को लेकर काफी क्रेजी हैं। नरेंद्र कहते हैं कि 30 साल पुरानी कार में उन्हें सीट कवर बदलाव और थोड़ी बहुत डेकोरेशन ही करानी पड़ी इसका दमदार इंजन और 28 किलोमीटर प्रतिलीटर की माइलेज का कोई जवाब नहीं है। इस पर तीन सीरीज का नंबर है, जो अब मिलता नहीं है। इसका जापानी इंजन भी आकर्षण है। इसलिए मैं इसे शान की सवारी मानता हूं। नरेंद्र शर्मा हरियाणा के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में काम करते हैं और अपनी गाड़ी की सराहना करते हैं।
घर में स्कोडा, इनोवा तो हैं लेकिन 1985 मॉडल की फायरब्रिक रेड मारुति 800 को छोड़ने का मन नहीं करता। 29 साल में यह 3 लाख किलोमीटर दौड़ीं, लेकिन पिकअप आज भी वैसा ही है। यह कहना है एडवोकेट जीएस भंगू का का। 29 साल मारुति के साथ सफर को याद करते हुए भंगू कहते हैं अनगिनत बार मारुति 800 को लेकर दिल्ली और जाने कहां-कहां गए। लेकिन कभी दिक्कत नहीं आई। सेक्टर 10 में कोठी नंबर 5 के बाहर खड़ी यह कार आज भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। जापानी इंजन के चलते 29 साल बाद भी वही दम है। भंगू कहते हैं कि 1983 में उन्होंने पास्को ऑटोमोबाइल में मारुति 800 के लिए एप्लाई किया था। हालांकि उस वक्त मेरे पास फिएट कार थी। लेकिन मारुति को लेकर लोगों में बड़ा क्रेज था। हमने एप्लाई कर दिया। एप्लाई करने के दो साल के इंतजार के बाद 8 फरवरी 1985 को म