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भाजपा पार्षद सूद के भांजे-जीजा की कंपनी ने कराया था स्टडी टूर

7 वर्ष पहले
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नगरनिगममें विपक्ष के नेता और भाजपा-पार्षद अरुण सूद स्टडी टूर विवाद में घिर गए हैं। आरोप है कि चेन्नई, पोर्टब्लेयर और कोलकाता के स्टडी टूर के लिए जिस ट्रैवल एजेंसी को हायर किया गया वो सूद के भांजे साहिल वैद और जीजा संजीव सूद की है। इसी एजेंसी को एयर टिकट के लिए निगम की ओर से 27.80 लाख रुपए दिए गए।

कांग्रेस पार्षद आरोप लगा रहे हैं कि अरुण सूद के इशारे पर ही टूर के लिए यही एजेंसी चुनी गई, वो भी बिना किसी टेंडर के। दूसरी एजेंसियों को कोटेशन देने के लिए इन्वाइट नहीं किया गया। कायदे मुताबिक इतनी रकम के लिए ई-टेंडर जारी किया जाना था। अब कांग्रेस सूद के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग कर रही है।

अरुण सूद पर लगे आरोपों पर भास्कर ने उनसे सवाल पूछे, तो उन्होंने कहा- कंपनी मैंने तय नहीं की। हमसे तो जॉइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता ने कंपनियों के नाम पूछे थे, हमने नाम दे दिए। तीन कंपनियां आई थीं, इसमें मैंने कोई फेवर नहीं किया। यह सिर्फ अफसर ही जानते हैं। कांग्रेसी पार्षदों को पहले यह बताना चाहिए कि जब शहर से आवारा पशुओं को यूपी भेजा गया था तो ट्रकों के लिए टेंडर क्यों नहीं मांगे गए? पार्किंग पास के लिए टेंडर क्यों नहीं मंगवाए गए? इससे पहले गए निगम के स्टडी टूर के लिए एजेंसी हायर करते समय टेंडर क्यों नहीं भरे गए? उन एजेंसियों के किसके साथ संबंध थे? कांग्रेसी पार्षद बिना किसी आधार के आरोप लगा रहे हैं।

कांग्रेसी पार्षद सुभाष चावला, प्रदीप छाबड़ा, मुकेश बस्सी, शीला देवी, दर्शन गर्ग, सतीश कैंथ, पूनम शर्मा, गुरबख्श रावत ने शनिवार को जारी बयान में कहा है कि स्टडी टूर के लिए ट्रैवल एजेंसी के सेलेक्शन प्रोसिजर की सीबीआई से जांच होनी चाहिए। कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि अरुण सूद के रिश्तेदार संजीव सूद और साहिल वैद की ट्रैवल एजेंसी का चयन समूची चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। एजेंसी ने अरुण सूद के साथ अपनी एसोसिएशन के बारे में निगम को नहीं बताया जो, नियमों का उल्लंघन है। अगर किसी पार्षद का किसी एजेंसी से संबंध होता है तो इसकी जानकारी निगम को होनी चाहिए। कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि सूद ने निगम हाउस में कहा था कि स्टडी टूर में उनके खिलाफ कुछ भी विवादास्पद निकलता है तो वह इस्तीफा दे देंगे। ऐसे में उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

{नगर निगम के 20 काउंसलर्स और छह अफसरों