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पीयू में उद्यमी 2015 में स्टार्ट अप्स को मिले एक्सपर्ट के टिप्स
ननु जोगिंदर सिंह | चंडीगढ़nj.singh@dbcorp.in
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में चल रही तीन दिवसीय काॅन्फ्रेंस उद्यमी 2015 में शनिवार को एक ओर स्टार्ट अप या स्टार्ट अप की उम्मीद लिए स्टूडेंट्स बैठे थे।दूसरे छोर पर बैठे थे वो जिन्होंने अपनी हिम्मत से कामयाबी की राह बनाई। उन्होंने पैनल डिस्कशन और टॉक के जरिए अपनी शुरूआत से लेकर सफलता का सफर और भविष्य के सपनों को उन्होंने एक दूसरे से बांटा।
{सवाल : दिव्यांशा : सर, बिजनेस शुरू करने पर कई तरह की दिक्कतें और रिस्क हैं। फिर इंटरप्रिन्योरशिप की बात क्यों की जाती है। ये जॉब से मुश्किल है।
-जवाब : धीरेंद्रतायल, कॉस्मेटोलॉजी एनोवास क्नीनिकल रिसर्च के संस्थापक: आपकोकिसने कहा कि बिजनेस आसान है। इंटरप्रिन्योरशिप भी इश्क की तरह एक आग का दरिया है जिसमें डूबकर जाना होता है।
{सवाल: दीनांश वंश सिंगला: मेडिकल टेक्सटाइल की क्या संभावना है। हमारे यहां पर आर्टीफिशियल आर्गन्स की जरूरत तो बहुत ज्यादा है। सब कुछ विदेश से ही मंगवाते हैं?
-जवाब : पुष्विंदरजीतसिंह, टाइनर ओर्थेटिक्स: मेडिकलटेक्सटाइल एक बड़ा फील्ड है। आर्टीफिशियल आर्गन्स भी इसका एक हिस्सा हैं। पहले क्लियर करें कि आप किस क्षेत्र को चुनना चाहते हैं।
-जवाब: डॉ.जीडीपुरी, प्रोफेसर, अनेस्थिसिया एंड इनटेंस केयर : आपऑर्गन्स की बात करना चाहते हैं तो इसमें बुराई नहीं है। लंग और हार्ट सहित सभी इंसानी आर्टिफिशियल अंग बाहर से आते हैं। फैलियर का परसेंटेज बहुत ज्यादा है और हमारी जरूरतें भी बहुत ज्यादा। फिर भी सोचना चाहिए क्योंकि ये स्टार्ट अप के बस का काम नहीं है।
{सवाल: शीरम गंडोत्रा : सर, मैं बिजनेस करना चाहता हूं। मेरे पास अच्छा आइडिया है लेकिन खुद को ऐंजल इनवेस्टर्स के सामने किस तरीके से प्रस्तुत करूं कि वह मेरे प्रोजेक्ट को इनवेस्ट करने के लिए तैयार हो जाएं?
-जवाब : पुष्विंदरजीतसिंह : मुझेनहीं लगता कि आपको ऐंजल इनवेस्टर्स के लिए कोशिश करनी चाहिए। आजकल कई तरीके के लोन उपलब्ध हैं। पहले छोटे से शुरूआत कीजिए। ऐंजल इनवेस्टर्स में आपके हिस्से कुछ नहीं पड़ेगा। 70 परसेंट वो आपसे ले जाएंगे। आपका आइडिया और मेहनत जबकि बाद में इसका ज्यादा फायदा उनको होगा। लोन लीजिए, आसानी से मिलेगा।
सवाल: बिमल जीत सिंह : एनजीओ और आशा वर्कर्स जैसे लोग जो समाज भलाई का काम कर रहे हैं, उनकी एक ज्वाइंट चेन बना कर बेरोजगारी दूर हो सकती है?
-जवाब : धीरेंद्र: ये वेग आइडिया है। यूं कोई ख्याल आने पर उसे लागू नहीं किया जा सकता।
-जवाब: पुष्विंदरजीतसिंह - येइनोवेटिव कोशिश हो सकती है।
{वुमंस इंटरप्रिन्योरशिप पर मोनिका सूद ने टॉक दी और स्टूडेंट्स को मोटिवेट किया।
{इनोवेशन इन हेल्थ केयर पर पैनल डिस्कशन की गई।
{अ टूल किट फॉर सक्सेसफुल स्टार्ट अप पर पैनल डिस्कशन की गई।