नड्डा आज पीजीआई में, होंगे अहम फैसले
पीजीआई से जुड़े सभी मसलों पर अंतिम फैसला लेने वाली इंस्टीट्यूट बाॅडी आईबी की मीटिंग डेढ़ साल बाद रविवार को होगी। पिछले महीने 23 जनवरी को होने वाली ईबी की मीटिंग पोस्टपोन की गई थी। केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा अाईबी की मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इसमें पीजीआई की गवर्निंग बॉडी के गठन के साथ कुछ दूसरे अहम फैसले भी हो सकते हैं। पीजीआई के कुछ डॉक्टरों की प्रमोशन और बाकी पांच कमेटियों के दोबारा से गठन होने की संभावना है।
स्वास्थ्य मंत्री का फैकल्टी, रेजिडेंट और इंप्लाइज भी इंतजार कर रहे हैं। फैकल्टी के प्रेजिडेंट प्रो. वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि रोटेशनल हेडशिप के अलावा टांसपोर्ट एलाउंस बढ़ाने अन्य बातें रखेंगे।
इस मीटिंग में पीजीआई के डॉक्टरों की कुछ रुकी हुई प्रमोशन पर भी फैसला लिया जाना है। इसी तरह पीजीआई से दो साल पहले हटाए गए डॉ. प्रवीण बंसल को लेकर भी इस मीटिंग में फैसला हो सकता है।
केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने के बाद ईबी की ये पहली मीटिंग है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 20 सदस्यीय नई इंस्टीट्यूट बॉडी का गठन किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री के पीजीआई दौरे को लेकर कई उम्मीदें भी जुड़ी हैं। हिमाचल से ताल्लुक रखने वाले जेपी नड्डा 1998 से 2003 तक खुद हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। जेपी नड्डा इस रीजन के स्वास्थ्य ढांचे और पीजीआई पर पड़ रहे प्रेशर से परिचित हैं। जेपी नड्डा से इस मीटिंग में कुछ प्रोजेक्ट पर सहमति मिलने की भी उम्मीद है। पीजीआई डायरेक्टर प्रो. योगेश चावला की ओर से कुछ नए कोर्स शुरू करने के अलावा बुजुर्गों के लिए अलग सेंटर बनाने का प्रस्ताव जेपी नड्डा को दिया जा सकता है।
ईबी के मेंबर बने प्रेमसिंह चंदूमाजरा कहते हैं कि पीजीआई में हर तरह के सुधार का फायदा मरीजों को पहुंचाना ही पहला मकसद है। पीजीआई आने वाले मरीजों को समय पर इलाज, रहने की सुविधा, इमरजेंसी में मरीजों को इमरजेंसी ट्रीटमेंट में सुधार के विकल्पों को सामने रखा जा जाएगा। पड़ोसी राज्यों में नए हॉस्पिटल बढ़ाकर रेफरल पेशेंट्स को फौरन ट्रीटमेंट देने की बात भी सामने रखेंगे। पीजीआई में मरीजों को सस्ते इलाज के तरीके सामने लाने पर भी सुझाव लेकर फौरन इस दिशा में काम करने का एजेंडा है।
डेढ़ साल बाद पीजीआई में आईबी की मीटिंग