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7 से 8 रुपए प्रति यूनिट मिलेगी बिजली

7 वर्ष पहले
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अगले 25 साल तक यही रेट रहेंगे

गांवों की शामलात जमीन प्राइवेट कंपनियों को लीज पर दी जाएगी। लीज मनी डीसी तय करेंगे। इसमें हर साल छह फीसदी की बढ़ोतरी को भी रखा गया है। पंजाब स्टेट रेगुलेटरी कमीशन ने सोलर प्रोजेक्ट्स से मिलने वाली बिजली की कीमत 7.20 रुपए प्रति यूनिट रखी है। अनिरुद्ध तिवारी ने कहा, यह कीमत फिलहाल ज्यादा लग सकती है, लेकिन यह रेट अगले 25 साल तक यही रहेगा। उन्होंने बताया, वैसे तो हमने 17 हजार मेगावाट जमीन की पहचान की है, लेकिन पहले चरण में हम एक हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट्स लगाएंगे। अगले चरण में एक हजार मेगावाट का और बढ़ाएंगे। जमीन की कमी को दूर करने के लिए ही सरकार ने शामलात जमीन एक्ट में संशोधन करके इसे प्राइवेट कंपनियों को लीज पर देने का फैसला लिया है। कम से कम दस मेगावाट का प्रोजेक्ट एक गांव में लगाया जाएगा। पंजाब में 11 महीने धूप रहने के चलते यहां सोलर पावर की संभावना काफी अच्छी है।

भास्कर न्यूज| चंडीगढ़

पंजाबएकहजार मेगावाट सोलर पावर के प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए तैयार है। ये सभी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट कंपनियों के जरिए लगवाए जाएंगे। जिसके लिए उन्हें 5000 एकड़ शामलात जमीन पूरे पंजाब भर से दी जाएगी। वैसे तो सरकार ने ऐसी 17 हजार मेगावाट जमीन की पहचान की है, लेकिन चूंकि पहले चरण में एक हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट्स लगाने को ही केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है, इसलिए फिलहाल 5000 एकड़ जमीन की पहचान करके पावर मिनिस्टरी को सौंप दी गई है।

इन प्रोजेक्ट्स के लिए दो सौ करोड़ रुपए की सब्सिडी मांगी गई है। सब्सिडी की मंजूरी मिलते ही सरकार प्राइवेट कंपनियों को टैंडर के लिए आमंत्रित करेगी। शामलात जमीन, प्राइवेट कंपनियों को देने के लिए अगस्त महीने में ही राज्य सरकार ने शामलात एक्ट में संशोधन किया था।

पावर सेक्रेटरी अनिरुद्ध तिवारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया, हर मेगावाट पर बीस लाख रुपए की सब्सिडी देने की केंद्र सरकार की स्कीम है। यह सब्सिडी तभी मिलेगी यदि एक हजार मेगावाट का यूनिट एक ही जगह पर लगेगा। चूंकि पंजाब में एक साथ इतनी जमीन मिलना मुश्किल है इसलिए हमने केंद्र सरकार से कहा है कि हमारे दस से बीस मेगावाट के प्रोजेक्ट्स को भी उसी श्रेणी में शामिल करके सब्सिडी दी जाए। इसमें एक हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट्स को रखा गया है। यह मांग, पिछले हफ्ते दिल्ली में पावर