राजनीतिक विंग देती है समर्थन
पानीपत. कहनेको तो जनसंघ के नेता, पर साथ सबके ही रहते। यही छवि थी पानीपत शहर में पांच बार विधायक रहे फतेहचंद विज की। जनसंघ से पहली बार 1962 में जीतकर विधानसभा में पहुंचे विज ने लगातार तीन बार चुनाव जीता। इसके बाद 1972 में शहर के विधायक बलबीरपाल शाह के पिता हुकूमत राय शाह से हार गए थे। हालांकि इसके बाद अगले लगातार दो चुनाव वह जीते।
स्व.विज के बारे में उनके बेटे प्रमोद विज ने बताया कि वह संघ के साथ होते हुए भी सबके साथ रहने वाले थे। चंडीगढ़ में बस पर जाते। बस स्टैंड पर शहर के लोगों की समस्याओं से संबंधित पर्ची लेते। अपने साथ ही बस में किसी एक को साथ ले जाते। शाम को लौटने पर उन्हीं लोगों को काम होने या नहीं हो पाने की भी सूचना देते।
सिरसा | डेरासच्चा सौदा ने इस बार समर्थन मांगने के लिए आने वाले नेताओं से शपथ पत्र मांग लिया है। रविवार को मीडिया से बातचीत में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने कहा कि चुनावों में विभिन्न राजनीति दलों के नेता डेरे का समर्थन हासिल करने के लिए आते हैं। अबकी बार जो भी नेता आएगा, उससे चुनाव में किए गए वायदों को पूरा करने का शपथ पत्र मांगा जाएगा।
डेरा प्रमुख ने बताया कि अगले चुनाव में जब फिर से यदि वह राजनेता उनके पास आएंगे तो साध संगत के बीच उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने कितने वायदे पूरे किए हैं। खुद राजनेता भी डेरे में आकर मानते हैं कि वे झूठ बोलते हैं। मगर उनके शपथ पत्र का बाद में साध संगत में खुलासा किया जाएगा।
एडवोकेट राममोहन राय ने बताया कि अब तो प्रचार के कई हाईटेक तरीके गए हैं। उनका परिवार मोहल्लों में जाकर तंदूर लगवाता और घर-घर रोटी भेजता था। इससे वे रोटी-बेटी के नाते की तरह परिवार का बनाकर वोट मांगते थे। किसी भी पार्टी का भी कार्यक्रम क्यों हो, अगर उन्हें निमंत्रण मिलता तो वे जरूर जाते थे।
हर चुनाव में डेरे द्वारा अपने श्रद्धालुओं को उम्मीदवार का समर्थन संदेश पर उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि राजनीतिक विंग साध संगत द्वारा ही बनाई गई है। हर ब्लाॅक की साध संगत अपने क्षेत्र में ईमानदार उम्मीदवार का जिक्र करती है और फिर श्रद्धालुओं द्वारा ही तय किया जाता है कि किसे समर्थन करना है।
हर घर रोटी भेजकर वोट मांगते थे विज
समर्थन मांगने वालों से शपथ लेगा डेरा
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