- Hindi News
- इंटेरोगेशन में मौजूद रहे सीआईए इंस्पेक्टर ने कहा कुछ नहीं सुना
इंटेरोगेशन में मौजूद रहे सीआईए इंस्पेक्टर ने कहा- कुछ नहीं सुना
ज्योतिमर्डरकैस को पंचकूला पुलिस ने कोर्ट में कमजोर किया। कोर्ट में जब क्रॉस एग्जामिनेशन की बारी आई तो केस की जांच में शामिल पुलिस अफसरों ने चार्जशीट में दर्ज अपने बयानों से अलग ही बयान दिए।
पंचकूला क्राइमब्रांच के इंस्पेक्टर दीपक ने 22 मार्च 2014 को कोर्ट में बयान दिया था कि 8, 10 और 19 जनवरी 2013 को जब राम कुमार चौधरी को इंटेरोगेट किया गया, उस दौरान एसआईटी इंचार्ज एसीपी दीपक सांगवान के साथ वह भी मौजूद थे। राम कुमार की डिस्कलोजर पर ही वारदात में इस्तेमाल कोरोला कार बरामद की गई। इंटेरोगेशन में इंस्पेक्टर दीपक के साइन तक मौजूद हंै।
लेकिन क्राॅस में इंस्पेक्टर दीपक ने बयान दिए, तो कहा कि 8 जनवरी को इंटेरोगेशन के वक्त वह बीच में कहीं चले गए थे। इसलिए नहीं बता सकते कि इंटेरोगेशन में उस दिन राम कुमार चौधरी ने क्या कुछ कहा था। कार की रिकवरी को लेकर भी इंस्पेक्टर दीपक का बयान बदल गया। उन्होंने कहा- \\\"10 जनवरी को राम कुमार चौधरी की ढाई घंटे तक इंटेरोगेशन चली। राम कुमार ने उनके सामने कोरोला कार के बारे में नहीं बताया।\\\' कोरोला कार इंस्पेक्टर दीपक ने रिकवर की थी। लेकिन उन्होंने कहा- नहीं बता सकता कि कार की रिकवरी के दौरान राम कुमार चौधरी उनके साथ गए, या नहीं।
पुलिस ने कैसे कमजोर किया केस
ज्योति मर्डर केस