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शारदीय नवरात्र कल से शुरू, सुबह 6.15 से 7.58 तक घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

7 वर्ष पहले
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आश्विनमासके शुक्ल पक्ष में नवरात्र 25 सितंबर वीरवार से शुरू होंगे। इसके लिए मां अम्बे की पूजा की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। वीरवार को घट या कलश स्थापना का मुहूर्त कन्या राशि में होगा। इसके लिए सुबह 6.15 से 7.58 तक शुभ मुहूर्त है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.50 से दोपहर 12.38 तक रहेगा। नवरात्र में नौ दिन मां महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती और मां दुर्गा के 9 रूपों की आराधना होती है। शास्त्रों में मां जगदम्बे के नौ रूप बताए गए हैं। नवरात्र के दौरान 2 अक्टूबर को दुर्गाष्टमी रहेगी, जिसमें कन्या पूजन और मां सरस्वती का पूजन किया जाएगा। 3 अक्टूबर को महानवमी और उसी विजयादशमी का पर्व रहेगा। इस दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा की जाएगी। शाम को दशहरा मनाया जाएगा।

ज्योतिषचार्य मदन गुप्ता सपाटू ने बताया कि दशहरे से एक दिन पूर्व 2 अक्टूबर को शुक्र अस्त हो रहा है और 27 नवंबर को उदय होगा। इसके कारण 2014 में अक्टूबर-नवंबर के महीने में विवाह के मुहूर्त नहीं निकलेंगे।

विवाह मुहूर्त नहीं

विशेष मुहूर्त

{25 सितंबर, वीरवार को घट या कलश स्थापन का मुहूर्त कन्या राशि में होगा।

{शुभ समय - प्रात: 6.15 से 7.58 तक

{अभिजीत मुहूर्त- प्रात: 11.50 से 12.38 तक

{लाभ चौघड़िया- 12.13 से 13.42 तक

{अमृत चौघड़िया- दोपहर 1.42 से 3.12 तक

{ शुभ चौघड़िया- सायं 16.41 से 18.11 तक

सेक्टर-47 की कालीबाड़ी में नवरात्र के लिए मां अम्बे की प्रतिमा को अंतिम स्वरूप दिया जा रहा है। फोटोविजय कुमार

मिट्‌टी की वेदी बनाकर जौं और गेहूं के बीज दें। कलश पर रोली से स्वास्तिक बनाएं। कलश पर मौली लपेटें। फर्श पर अष्टदल कमल बनाएं। उस पर कलश की स्थापना करें। कलश में गंगा जल, चंदन, कुशा, रोली, तिल, चांदी डालें। कलश पर आम के पत्ते रखें। उस पर चावल या जौं से भरा कोई पात्र रख दें। नारियल पर लाल चुनरी बांध कर लकड़ी की चौकी पर स्थापित कर दें।