इच्छाओं को वश में रखना जरूरी: रसिक
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इशारों-इशारों में सबका दिल जीत गए डेफ स्टूडेंट्स
सुखकासदुपयोग करना सेवा और दुरुपयोग करना पतन का कारण है। दुखों के मूल में हमारी कामनाएं ही हैं। कामना की पूर्ति सुख और आपूर्ति दुख है। अपनी इच्छाओं को वश में रखना सुख का सबसे बड़ा कारण है। आवश्यकताओं को अपनी शक्ति और मर्यादा के अनुरूप पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। जो लोग आध्यात्मिकता को अपनाते हैं, वे तनाव से जल्दी उभर जाते हैं। वे छोटी-छोटी समस्याओं का असर अपनी जिंदगी पर नहीं पड़ने देते। ये प्रवचन रसिक महाराज ने सेक्टर-38 वेस्ट में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को दिए। महाराज ने कहा कि तप दुखी जीवन में विवेक जगाता है, दुखी व्यक्ति को देखकर दिल में करूणा जागृत होती है। करूणा में रस इतना है, कि यदि यह विसर्जित हो जाती है। नैतिकता और चरित्र को जीवन में प्रथम स्थान पर रखकर ही समस्याओं का अंत हो सकता है। कर्म बंधन से मुक्ति के लिए कर्ता भाव और मैं को मन से निकालकर निस्वार्थ भावना मन में लानी होगी। आज हम अपने जीवन की परेशानियों के कारण फल के बारे में पहले सोचते हैं जो गलत है।