महिलाओं के लिए मिसाल हैं सीता
पांचाली-दफायर प्रिंसेस, युगावतार और देवी पुराण के बाद गिलको वैली खरड़ की जानकी शर्मा की किताब, सीता: फुरो प्रिंसेस अब मार्केट में चुकी है। किताब के 47 चैप्टर्स में जानकी ने सीता की जिंदगी और उनके कैरेक्टर को पोट्रे किया है। उन्होंने बताया कि यह किताब रामायण की मुख्य नायिका सीता पर केंद्रित है। इसमें उनके सर्वगुणों के अलावा यह भी बताया है कि वह एक आदर्श मां, आदर्श प|ी, आदर्श बहू थीं। वह एक साहसी औरत थीं और आज की आधुनिक औरतों के लिए एक मिसाल हैं। जानकी ने बताया कि बचपन से ही उनकी दिलचस्पी अध्यात्म की ओर थी। इसलिए उनकी पहली किताबें, पांचाली-द फायर प्रिंसेस द्रोपदी, युगावतार भगवान कृष्ण के अवतारों पर आधारित थी।
जहां तक इस किताब की बात है तो वह सीता के कैरेक्टर से बचपन से ही इंस्पायर्ड थीं। इसलिए इस बारे में जब उन्होंने चंडीगढ़ म्यूजियम के पूर्व डायरेक्टर स्वर्गीय वीएन सिंह से बात की तो उन्होंने इस किताब को लिखने के लिए प्रेरित किया। इस किताब को लिखने के लिए उन्होंने एक साल में रामायण के 4-5 वॉल्यूम पढ़े। इसके बाद इसे लिखने में उन्हें 5 से 6 महीने लगे। वह बोलीं कि पहले को उन्हें लेखन का एंगल ढूंढने में ही समय लगा। फिर वह उनकी बहादुरी और हिम्म्त से काफी प्रभावित हुईं। इसके बाद उन्होंने इन्हीं गुणों को किताब का आधार बनाकर लिखा। जानकी ने बताया कि इसमें उन्होंने सीता स्वयंवर, सीता के अपहरण, उनके दुखों, रावण का भय, उनके जंगल में बिताए जीवन की कहानी, सीता को ढूंढने की प्रक्रिया, हनुमान द्वारा सीता को ढूंढने की कहानियां शामिल हैं। इसे सेक्टर-17 के अभिषेक पब्लिकेशंस ने पब्लिश किया है और इसकी कीमत है 395 रुपये।
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