आरोपी राजीव गुप्ता का इम्प्लाॅयी मुकरा
जजनोटकांड में सोमवार को सीबीआई विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान आरोपी राजीव गुप्ता का इम्प्लॉयी रहा पंचकूला सेक्टर-2 का अजय कुमार भगत अदालत में पहले दिए गए बयानों से मुकर गया। गवाह अजय कुमार भगत, जो राजीव गुप्ता की केबल टीवी नेटवर्क में उनका इम्प्लाॅयी था। पहले दो हियरिंग में एक्जामिन किया था। स्टैंप वेंडर रमेश चंद्र जिनकी कार में राजीव गुप्ता गए थे। स्टैंप गाड़ी में ही रहे गए थे। राजवी गुप्ता ने कहा था अजय कुमार भगत आएंगे उन्हें स्टाम्प पेपर दे देना। भगत ने यह स्टाम्प पेपर केस में आरोपी हरियाणा के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल के घर स्टाम्प पेपर्स पहुंचाए थे। भगत ने अदालत में इन पेपर्स संजीव बंसल के घर 14 अगस्त 2008 को पहुंचाने की बात से इनकार कर दिया। भगत ने सीबीआई को दिए अपने बयानों में कहा था कि वह राजीव गुप्ता के केबल टीवी नेटवर्क में काम करता था। 14 अगस्त 2008 को सुबह 9 बजे उसे राजीव गुप्ता का फोन आया था और उसने कहा था कि रमेश चंद्र उर्फ सन्नी उसे कुछ पेपर्स देगा, जो संजीव बंसल के घर देकर आना है। सीबीआई के मुताबिक इन्हीं स्टाम्प पेपर्स सेल डीड तैयार की गई थी। भगत ने अपने बयानों में मुकरते हुए राजीव गुप्ता की इन पेपर्स की डिलीवरी के निर्देशों से इनकार कर दिया। इसके बाद सीबीआई के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अनुपम गुप्ता ने उसका क्रॉस एग्जामिनेशन किया। उन्होंने कहा कि ये पेपर भगत ने ही पहुंचाए थे यह बात सिद्ध करने के लिए उसे बतौर गवाह पेश किया था। इस पर गुप्ता ने सीबीआई अदालत से कहा कि इसे होस्टाइल घोषित कर दिया जाए। भगत से पूछा गया कि सीबीआई ने तफ्तीश के दौरान बुलाया था। इस पर उसने कहा कि हां मुझे बुलाया था। जब उससे पूछा गया कि सीबीआई ने उनके बयान दर्ज किए थे। गवाह के दोनों पक्षों के आमने सामने करवाया गया।
15 लाख रुपए रिश्वत मामले में निर्मल यादव, संजीव बंसल, राजीव गुप्ता समेत दिल्ली के होटेलियर रविंदर सिंह भसीन निर्मल सिंह शामिल हैं। सीबीआई के मुताबिक पंचकूला के एक प्लाट का एकतरफा फैसला करने के बदले 15 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी।
वहीं अदालत में कसौली में तैनात तहसीलदार नारायण सिंह चौहान का क्रॉस एग्जामिनेशन भी अदालत में पूरा हो गया। अगस्त 2008 में नारायण सिंह सोलन में नायब तहसीलदार तैनात था, जहां पर संबंधित जमीन की खरीद के लिए सेल डीड रजिस्टर्ड कर