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कश्मीरी युवकों को पहले काॅलेज में पीटा, अब पुलिस ने भी उनके खिलाफ क्राॅस केस दर्ज किया
चंडीगढ़ | यमुनानगरके कस्बे रादौर में स्थित मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग काॅलेज में कश्मीरी स्टूडेंट्स पर हुए हमले को स्थानीय पुलिस कश्मीर के स्टूडेंट्स का आपसी विवाद करार दे दिया। पुलिस ने जम्मू और कश्मीर के स्टूडेंट्स के खिलाफ ही क्राॅस केस दर्ज कर लिया। पहले मारपीट और अब पुलिस की कार्रवाई से डरे 90 स्टूडेंट्स ने यमुनानगर छोड़ दिया। रविवार को तकरीबन 50 स्टूडेंट्स वापस चले गए थे। सोमवार को 40 और स्टूडेंट्स ने शहर छोड़ दिया है। यमुनानगर एसपी वेदप्रकाश का कहना है कि यदि कोई जा रहा है तो हम क्या करे। उनका दावा है कि कश्मीरी युवक आपस में लड़े थे। किसी बाहर ने उन पर हमला नहीं किया। लेकिन इस दावे का आधार क्या, यह वे नहीं बता पाए। शनिवार को ग्लोबल काॅलेज की मैस में छोटी सी बात पर कश्मीरी युवकों पर कुछ स्टूडेंट्स ने हमला बोल दिया था।
पीड़ित स्टूडेंट्स अजहरूद्दीन ने बताया कि बाहर के लोग भी इस हमले में शामिल थे। उनका कहना है कि हमेशा ही उनसे स्थानीय लोग रंजिश रखते हैं। घटना वाले दिन भी बाहरी युवकों ने उन्हें पीटा। अजहरुद्दीन का कहना है कि हम तो पहले ही यहां डर डरकर रहे हैं। हम आपस में क्यों लड़ेंगे। पीड़ित स्टूडेंट्स ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि पुलिस भी इसे स्टूडेंट्स के बीच विवाद मान कर मामले को रफा दफा करने में लगी है। लेकिन हकीकत यह है कि उन्हें टारगेट किया गया है।
पुलिसकी कार्रवाई इस बात की पुष्टि कर रही है
एसी ने बताया कि यह आपसी विवाद है। हमने क्राॅस केस दर्ज कर लिया। कोई नहीं पढ़ना चाह रहा तो हम क्या करें।
पुलिस कार्रवाई का सच
शनिवार की घटना। पुलिस ने किसी को भी हिरासत में नहीं लिया।एसपी का तर्क है कि यदि हम किसी को गिरफ्तार करेंगे तो यहीं कहा जाएगा कि बाहरी स्टूडेंट्स पर पुलिस ज्यादती कर रही है।
जांच लोकल स्तर पर
पुलिस इसे रूटीन केस मान रही है। जांच भी लोकल स्तर पर हो रही है।
इधर पीड़ित बोले-हमारी तो कोई सुन ही नहीं रहा
पीड़ित ने बताया कि बात ही सुनी नहीं जा रही है। मामला उठे, इसलिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिससे वें डर के मारे काॅलेज छोड़ दें। जबकि यहां हमारे साथ शुरू से ही भेदभाव हो रहा है।
मांगी डीजीपी से रिपोर्ट
गृह सचिव पीके महापात्रा का कहना है कि इस मामले की रिपोर्ट डीजीपी से मांगी है। जो स्टूडेंट्स गए हैं, उन्हें उन्हें सुरक्षा