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प्रशासन का निर्देश-प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का एजेंडा पास करे निगम

7 वर्ष पहले
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नया प्रस्ताव

निगम में एजेंडा आया तो प्रशासन खुद ले सकता है फैसला

टैक्स अभी

दिए थे तीन ऑप्शन

रेजिडेंशियलप्रॉपर्टीटैक्स बढ़ाने के लिए प्रशासन नगर निगम को निर्देश जारी करने जा रहा है। लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें यह प्रपोज किया गया है कि नगर निगम पंजाब म्युनिसिपल एक्ट के तहत रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का एजेंडा हाउस में लाए। हाउस इस एजेंडे को पास करके सेक्रेटरी लोकल बॉडीज को भेजे।

प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बीते बुधवार नगर प्रशासक शिवराज पाटिल ने अफसरों की मीटिंग ली थी। उसमें चर्चा हुई थी कि नगर निगम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स एक रुपया प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष से नहीं बढ़ा रहा है। मौजूद रेट पर निगम को 2 करोड़ रुपए की भी इन्कम नहीं हो रही है। इसमें पांच मरला से नीचे के मकान भी शामिल नहीं हैं। निगम हाउस में ऐसा एजेंडा लाया जाए जिसमें रिहैबिलिटेशन कॉलोनियों को छोड़कर बाकी सभी कवर हो जाएं। पंजाब म्युनिसिपल एक्ट 1976 के तहत निगम हाउस में एजेंडा लाने के लिए जल्द ही लेटर भेजा जाए। इस पर सेक्रेटरी लोकल बॉडीज अनिल कुमार ने कहा था कि अगले हफ्ते तक निगम कमिश्नर के नाम पर लेटर जारी किया जाएगा।

{1 रुपया प्रति वर्ग गज महीना

{ 250 वर्ग गज के मकान पर हर महीने

{ 250 रुपए देने होंगे

{ 3000 रुपए टैक्स बनेगा साल का

1 लाख तक प्रॉपर्टी आएंगी दायरे में

{ 1 रुपया प्रति वर्ग गज सालाना

{ 250 वर्ग गज (10 मरला) के मकान पर

{ 250 रुपए टैक्स सालाना

{ 39 हजार प्रॉपर्टीज अभी टैक्स के दायरे में

निगम कमिश्नर के बार-बार कहने पर भी अब तक निगम हाउस में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं लाया गया है। पिछले साल मेयर सुभाष चावला ने रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन का हवाला देकर इस पर हाउस में डिस्कस करने से मना कर दिया था। वहीं मौजूदा मेयर हरफूल चंद्र कल्याण ने भी लोकसभा चुनाव को देखते हुए जनवरी 2014 में एजेंडा हाउस में लाने से इनकार कर दिया था। लेकिन अब प्रशासन के डायरेक्टिव पर मेयर हरफूल चंद्र कल्याण को रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का एजेंडा निगम हाउस में लाना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो प्रशासन अपनी ओर से तय करके रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। यानी पार्षद चाहें या चाहें, प्रशा