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चंडीगढ़ बॉर्डर पर 40 साल पुराने कब्जे प्रशासन ने 12 घंटों में ढहाए
पिछले40 साल से जिस जमीन को कब्जे करने वाले पंजाब की जमीन बता दबा कर बैठे थे उसको सोमवार को चंडीगढ़ प्रशासन ने खाली करवा ही दिया। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ में नयागांव की तरफ को जाती सड़क पर करीब चार कनाल की चंडीगढ़ की जमीन पर लोगों ने कब्जा किया हुआ था और इस्टेट ऑफिस के इन्फोर्समेंट स्टाफ ने उसे गिरा दिया। यह पूरा अभियान 12 घंटों तक चला और सोमवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ अभियान देर शाम 7 बजे तक चला। अब इसे ग्रीन बेल्ट में बदलने की कवायद शुरू की दी गई है।
बनाएहुए थे पक्के मकान : यहपूरा अभियान एसडीएम सेंट्रल की अध्यक्षता में चला। उनके साथ मौके पर डीएसपी आशीष कपूर, रोड डिविजन के एक्सईएन संजय अरोड़ा, इस्टेट ऑफिस के इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर प्रवीण मित्तल भी मौके पर मौजूद रहे। उनके अलावा 100 पुलिसकर्मी थे और दोनों तरफ से सड़क को बंद कर दिया गया था। इस जमीन में चार मीट शॉप, एक कबाड़ी और एक लकड़ी आरे वाले ने दुकानें बनाई हुई थी। इन दुकानों के पीछे लेंटर डालकर पांच पक्के मकान भी बनाए थे। इन मकानों को तोड़ने में इस्टेट ऑफिस के इन्फोर्समेंट स्टाफ को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस्टेट ऑफिस की टीम ने इस जमीन से कब्जे हटाने के साथ ही इसकी लेवलिंग करने और साथ ही फेंसिंग करने का भी काम किया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि दोबारा से इस जमीन पर लोग कब्जा कर सकें।
लोगोंने किया स्वागत : इस्टेटऑफिस के इस पूरे अभियान का स्वागत नयागांव खुड्डा अली शेर के लोगों ने किया क्योंकि इसी सड़क से इन दोनों जगहों का रास्ता जाता है। लोगों का कहना था कि एंट्री पॉइंट पर ही इन दुकानों की वजह से जाम रहता था साथ ही गंदगी फैली रहती थी। पूर्व मेयर रविंदर पाली ने डीसी मोहम्मद शाइन का धन्यवाद किया। लाेगों को काफी खुशी मिली।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ में नयागांव की तरफ को जाती सड़क पर हटाया इन्क्रोचमेंट
इस जमीन को लेकर पिछले कई साल से झगड़ा चल रहा था कि यह पंजाब की है या चंडीगढ़ की। मामला एसडीएम ईस्ट दानिश अशरफ की कोर्ट में पहुंचा। उन्होंने इस बारे में पंजाब और चंडीगढ़ के रेवन्यू रिकॉर्ड को चैक किया और 27 अगस्त को इस जमीन पर वर्षों से कब्जा कर बैठे दुकानदारों को 12 दिन के अंदर खुद ही कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन कुछ दुकानदार ऐसे भी रहे जिन्होंने अपना सामान नहीं उठाया और इसमें सबसे उपर रहे लक्कड़ के दुकानदार। ऐसे