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पब्लिक बोली: पाटिल को शहर से हटाओ

7 वर्ष पहले
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शहरमेंहाउसिंग स्कीम को रद्द करन के फैसले पर प्रशासक के खिलाफ लोगों में गुस्सा भड़क उठा है। लाेगों का कहना है कि प्रशासक मकान का दर्द क्या समझेेंगे। प्रशासन के अफसर दो-दो कनाल की कोठियों में रह रहे हैं और प्रशासक खुद कई एकड़ में फैले गर्वनर हाउस में।

प्रशासक का यह तानाशाही निर्णय है। हाउसिंग स्कीम रद्द करने के इस निर्णय के खिलाफ शहर के लोगों के रिएक्शन भास्कर तक पहंचे हैं। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट से लेकर गर्वनमेंट इम्प्लाॅइज तक, दुकानदारों से लेकर इंडस्ट्रियलिस्ट्स तक ने हाउसिंग स्कीम को रद्द करले वाले प्रशासक के खिलाफ एक ही आवाज उठाई है-पाटिल साहब को शहर से हटाओ। इनके रहते शहर तरक्की नहीं कर सकता।

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प्रशासन को जनता के हित में स्कीम को लाॅन्च करना चाहिए। हाउसिंग स्कीम शहर की जरूरत है। -नरेशकुमार, गवर्नमेंटइम्प्लाॅयी

पाटिल ने हाउसिंग स्कीम को रद्द करके सही नहीं किया। शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम का भी भट्टा बैठा दिया है। -दविंदरशर्मा, एक्ससर्विसमैन

पाटिल ने हाउसिंग प्रोजेक्ट को रिजेक्ट कर बुरा किया है। इससे चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों में और इन्क्रोचमेंट होगी।नवनीत कौर,हा.नं.-59540ए

गवर्नर ने हाउसिंग स्कीम को रिजेक्ट करके चंडीगढ़ के लोगों को धोखा दिया है। शहर के लाखों लोग शहर में अपने मकान का सपना देख रहे थे। हर किसी की शहर में शैल्टर चाहिए।

-शंकुतलाशरण, टीचर

शिवराज पाटिल कांग्रेसी हैं इसलिए भाजपा को बदनाम कर रहे हैं। इन्हें पहले ही जनहित में हटा देना चाहिए था।

-आरसीखुराना, रिटायर्डएडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सेंट्रल गवर्नमेंट

शिवराज पाटिल को हाउसिंग प्रोजेक्ट रिजेक्ट करने का फैसला ऐसा लगता है कि वह कांग्रेस के एजेंडा पर काम कर रहे हैं। मैं खुद चंडीगढ़ में कब से हाउसिंग स्कीम की वेट कर रहा था।

-संजयमित्तल, टायरशॉप ऑनर बुडैल मार्केट

कुर्सी पर बैठे किसी भी अफसर को अपने वर्तमान के बारे में पता नहीं होता है। शहर के भविष्य के बारे में सोचना तो बहुत दूर की बात है।

-सुरेशकुमार आर्य, शिरडीग्राफिक्स सेक्टर-17

वह ऐसे बिहेव कर रहे हैं जैसे उनके ऊपर कोई नहीं है। भगवान सब देख रहा है। सेंटर गवर्नमेंट को उनको तत्काल बदल देना चाहिए ताकि वह इस प्रकार का कोई और निर्णय ले सकें। वी लव चंडीगढ़।

-राजिंद्रभाटिया, सुपरिटेंडें